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कछुआ रिंग के हैं कई फायदें, जानिए धारण करने की विधि 

 

ज्योतिष न्यूज़ डेस्क: हिंदू धर्म में कछुए को शुभता और संपन्नता का प्रतिक माना जाता है आज कल लोग कछुए की अंगूठी को अपनी अंगुली में धारण करते हैं ऐसा इसलिए क्योंकि कछुए की अंगूठी देखने में आकर्षक लगती है साथ ही धन समृद्धि को भी अपनी ओर खींचती है चीनी वास्तु यानी फेंगशुई में जैसे लाफिंग बुद्धा, मेंढक और चीनी सिक्कों को महत्वपूर्ण माना गया है

उसी तरह कछुए की अंगूठी भी जरूरी है माना जाता है कि कछुए के आकार की अंगूठी को धारण करने से दुर्भाय दूर हो जाता है और देवी मां लक्ष्मी की कृपा बनी रहती है ऐसे में लोगों के जीवन में कभी धन धान्य की कमी नहीं होती है तो आज हम आपको अपने इस लेख द्वारा कछुए की अंगूठी को धारण करने की सही विधि और इसके फायदें के बारे में बता रहे हैं तो आइए जानते हैं। 

जानिए इसे धारण करने के फायदे—
वास्तुशास्त्र के मुताबिक कछुए की अंगूठी पहनने से नकारात्मकता दूर होती है और सकारात्मकता का संचार होता है ज्योतिष में कछुए को माता लक्ष्मी का प्रतीक माना जाता है इसलिए इसे धारण करने से घर में धन दौलत और समृद्धि की कमी नहीं रहती है। जो लोग यह अंगूठी धारण करते हैं उसके जीवन में हर तरह की सुख सुविधाओं का आगमन होता है और धन की प्राप्ति होती है आर्थिक परेशानियों से भी राहत मिल जाती है इसके अलावा कछुआ शांति और धैर्य का भी प्रतीक माना गया है इसे धारण करने से मनुष्य के अंदर धैय और शांति आती है। 

जानिए धारण करने की संपूर्ण विधि—
कछुए की अंगूठी को हमेशा चांदी की धातु से ही बनवाना चाहिए तभी आपको शुभ फलों की प्राप्ति होगी। इस अंगूठी को दाएं हाथ में पहनना चाहिए बाएं हाथ में पहनने से फायदा नहीं मिलता है। कछुए की अंगूठी को दाएं हाथ की तर्जनी और बीच वाली उंगली में ही धारण करना चाहिए ऐसा करने से आपको लाभ प्राप्त होगा।