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वरदा चतुर्थी 2026: भगवान गणेश की पूजा में भूलकर भी न करें ये गलतियां, बिगड़ सकता है शुभ फल

 

सनातन धर्म में वरदा चतुर्थी का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है। यह दिन भगवान गणेश को समर्पित होता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन विधि-विधान से गणपति बप्पा की पूजा करने से सुख, समृद्धि और बुद्धि का आशीर्वाद प्राप्त होता है। साथ ही जीवन के विघ्न और बाधाएं भी दूर होती हैं।

हालांकि ज्योतिष और धार्मिक शास्त्रों में यह भी बताया गया है कि वरदा चतुर्थी के दिन पूजा के दौरान कुछ गलतियां करने से शुभ फल कम हो सकता है। ऐसे में आइए जानते हैं कि इस दिन किन बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिए।

तुलसी अर्पित करने की गलती न करें

भगवान गणेश की पूजा में तुलसी दल चढ़ाना सामान्य रूप से वर्जित माना गया है। धार्मिक कथा के अनुसार तुलसी माता के श्राप के कारण गणेश जी को तुलसी अर्पित नहीं की जाती। इसलिए वरदा चतुर्थी की पूजा में भूलकर भी तुलसी का प्रयोग न करें।

बासी फूल और प्रसाद न चढ़ाएं

शास्त्रों के अनुसार भगवान गणेश को हमेशा ताजे फूल, दूर्वा और शुद्ध प्रसाद अर्पित करना चाहिए। बासी या मुरझाए फूल चढ़ाना अशुभ माना जाता है। साथ ही खराब या बासी मिठाई का भोग लगाने से भी बचना चाहिए।

पूजा में दूर्वा चढ़ाना न भूलें

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार दूर्वा भगवान गणेश को अत्यंत प्रिय है। कहा जाता है कि बिना दूर्वा के गणेश पूजा अधूरी मानी जाती है। इसलिए पूजा के दौरान कम से कम 21 दूर्वा अवश्य अर्पित करें।

क्रोध और नकारात्मकता से रहें दूर

वरदा चतुर्थी के दिन मन और वाणी की शुद्धता का विशेष महत्व माना गया है। पूजा के दौरान क्रोध करना, अपशब्द बोलना या किसी का अपमान करना अशुभ माना जाता है। धार्मिक जानकारों के अनुसार इस दिन शांत और सकारात्मक मन से पूजा करनी चाहिए।

चंद्र दर्शन से जुड़ी मान्यता

कुछ चतुर्थी तिथियों पर चंद्र दर्शन को लेकर विशेष नियम बताए गए हैं। धार्मिक मान्यता के अनुसार यदि चंद्र दर्शन वर्जित हो, तो पंचांग के नियमों का पालन करना चाहिए। इसलिए पूजा से पहले सही तिथि और नियमों की जानकारी लेना शुभ माना जाता है।

इन बातों का भी रखें ध्यान

  • पूजा स्थान को साफ और पवित्र रखें।
  • गणेश जी को सिंदूर अवश्य अर्पित करें।
  • मोदक या लड्डू का भोग लगाना शुभ माना जाता है।
  • पूजा के दौरान गणेश मंत्रों का जाप करें।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार वरदा चतुर्थी के दिन श्रद्धा और नियमपूर्वक की गई पूजा से भगवान गणेश भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं। इसलिए इस दिन पूजा करते समय छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी माना गया है।