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राजस्थान के इस मंदिर में मौजूद हैं ऐसा चमत्करी कंगन जिसके अंदर से निकलने पर मिलती हैं हर रोग से मुक्ति
 

 

राजस्थान रहस्यों, आस्था और चमत्कारों की भूमि है। यहां कई ऐसे मंदिर हैं, जहां भक्त सिर्फ पूजा-अर्चना ही नहीं, बल्कि शारीरिक और मानसिक रोगों से छुटकारे की उम्मीद लेकर आते हैं। ऐसा ही एक आश्चर्यजनक स्थान है — बाड़मेर जिले में स्थित “नवलेश्वर महादेव मंदिर”, जहां एक चमत्कारी कंगन मौजूद है।

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क्या है इस चमत्कारी कंगन की मान्यता?

इस मंदिर में मौजूद लोहे का एक गोलाकार कंगन, जो आकार में किसी अंगूठी या गेट जैसा दिखता है, उसे “काया रोग मुक्ति कंगन” कहा जाता है। मान्यता है कि कोई भी व्यक्ति अगर इस कंगन के अंदर से निकलता है, तो उसके शरीर के पुराने से पुराने रोग भी धीरे-धीरे समाप्त हो जाते हैं।

खास बात यह है कि यह कंगन इतना संकरा होता है कि केवल वही व्यक्ति इससे निकल सकता है, जिसके भीतर सच्ची श्रद्धा और आस्था होती है।

कंगन से निकलना है परीक्षा भी और इलाज भी

लोग मानते हैं कि यह सिर्फ एक भौतिक प्रयास नहीं, बल्कि यह एक आत्मिक परीक्षण है। जिस व्यक्ति के मन में पाप, घमंड या अहंकार होता है, वह इससे निकल नहीं पाता। जबकि निर्दोष, श्रद्धालु और सच्चे मन से आया व्यक्ति आसानी से पार हो जाता है।

कई बार देखा गया है कि बीमार व्यक्ति इससे निकलने के कुछ दिनों बाद खुद को स्वस्थ महसूस करता है। कई लोगों ने बताया कि वर्षों पुरानी बीमारी, जो दवाओं से ठीक नहीं हो रही थी, इस कंगन से निकलने के बाद गायब हो गई।

मंदिर में होती है विशेष पूजा

यह मंदिर विशेष रूप से महाशिवरात्रि और सावन मास में बेहद प्रसिद्ध होता है। इन अवसरों पर हजारों श्रद्धालु दूर-दूर से आते हैं और भगवान शिव का जलाभिषेक कर कंगन से गुजरते हैं।

भक्त कहते हैं कि यह चमत्कारी कंगन "शिव की कृपा का प्रतीक" है, और इससे निकलना शिव की स्वीकृति पाने जैसा है।