28 अगस्त को लगेगा साल का दूसरा चंद्र ग्रहण, भारत में नहीं दिखेगा
साल 2026 का दूसरा चंद्र ग्रहण 28 अगस्त को लगने जा रहा है। यह एक गहरा आंशिक चंद्र ग्रहण (Deep Partial Lunar Eclipse) होगा, जिसमें चंद्रमा का लगभग 96 प्रतिशत हिस्सा पृथ्वी की छाया में ढक जाएगा, जिससे यह दृश्य बेहद आकर्षक और दुर्लभ खगोलीय घटना बन जाएगी।
खगोल वैज्ञानिकों के अनुसार यह ग्रहण दुनिया के कई देशों में स्पष्ट रूप से देखा जा सकेगा, लेकिन भारत में यह दिखाई नहीं देगा।
🌍 दुनिया के कई हिस्सों में दिखेगा ग्रहण
यह चंद्र ग्रहण मुख्य रूप से यूरोप, अफ्रीका, एशिया के कुछ हिस्सों और ऑस्ट्रेलिया में देखा जा सकेगा। ग्रहण के दौरान चंद्रमा का रंग गहरा लाल या ताम्रवर्णीय (ब्लड मून जैसा प्रभाव) दिखाई दे सकता है, जो इसे और भी रोचक बनाता है।
🇮🇳 भारत में क्यों नहीं दिखेगा ग्रहण?
भारत में यह चंद्र ग्रहण इसलिए नहीं दिखाई देगा क्योंकि उस समय यहां चंद्रमा की स्थिति पृथ्वी की छाया क्षेत्र के अनुरूप नहीं होगी। इसी वजह से भारतीय समयानुसार इसका कोई दृश्य प्रभाव देखने को नहीं मिलेगा।
🌑 क्या होता है आंशिक चंद्र ग्रहण?
आंशिक चंद्र ग्रहण तब होता है जब पृथ्वी, सूर्य और चंद्रमा एक सीध में आते हैं, लेकिन चंद्रमा का केवल कुछ हिस्सा ही पृथ्वी की गहरी छाया (Umbra) में प्रवेश करता है। इस स्थिति में चंद्रमा का एक हिस्सा ही काला या धुंधला दिखाई देता है।
🔭 खगोल प्रेमियों के लिए खास मौका
हालांकि भारत से यह ग्रहण नहीं दिखेगा, लेकिन दुनिया भर के खगोल प्रेमियों के लिए यह एक महत्वपूर्ण और रोमांचक घटना होगी। वैज्ञानिक इसे अध्ययन के लिए भी अहम मानते हैं क्योंकि ऐसे ग्रहणों से पृथ्वी-चंद्रमा-सूर्य की गति और स्थिति को बेहतर समझा जा सकता है।