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लाभ योग में भी इन 3 राशियों के लिए दिन रहेगा तनावपूर्ण, 2 मिनट के  लीक्ड फुटेज में जाने किनसे रहे सावधान और बचने के उपाय 

 

11 जून 2025 का दिन पंचांग और ग्रहों की स्थिति के लिहाज से खास रहने वाला है। इस दिन पूर्णिमा तिथि दोपहर 1:13 बजे तक रहेगी, जिसके बाद आषाढ़ मास के कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि शुरू हो जाएगी। नक्षत्रों में ज्येष्ठा नक्षत्र रात 8:10 बजे तक प्रभावी रहेगा, फिर मूल नक्षत्र अपनी उपस्थिति दर्ज कराएगा। योगों में साध्य योग दोपहर 2:04 बजे तक रहेगा, उसके बाद शुभ योग का आगमन होगा। करणों में बव करण दोपहर 1:13 बजे तक रहेगा, फिर बालव करण सक्रिय हो जाएगा।

<a href=https://youtube.com/embed/hqG-9RCe06s?autoplay=1&mute=1><img src=https://img.youtube.com/vi/hqG-9RCe06s/hqdefault.jpg alt=""><span><div class="youtube_play"></div></span></a>" style="border: 0px; overflow: hidden"" title="Today Rashifal | लाभ योग में कन्या सहित इन मेहरबान होंगे गणपति बप्पा | 11 June 2025" width="695">

ग्रहों की स्थिति की बात करें तो चंद्रमा दिन के अधिकांश समय वृश्चिक राशि में रहेगा और रात 8:10 बजे धनु राशि में प्रवेश करेगा। शुक्र मेष राशि में, सूर्य वृषभ राशि में, बुध और बृहस्पति मिथुन राशि में, मंगल और केतु सिंह राशि में, राहु कुंभ राशि में और शनि मीन राशि में रहेगा। यह ज्योतिषीय संयोग कुछ राशियों के लिए चुनौतियां लेकर आ सकता है। इन राशियों के लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। आइए जानते हैं 11 जून का दिन किन राशियों के लिए ठीक नहीं रहेगा और इसे अच्छा बनाने के लिए क्या उपाय करने चाहिए?

मिथुन
मिथुन राशि में बुध और बृहस्पति की युति बौद्धिक और संचार कौशल को बढ़ाएगी लेकिन वृश्चिक राशि में चंद्रमा का होना और ज्येष्ठा नक्षत्र का प्रभाव संचार में गलतफहमियां और रिश्तों में तनाव ला सकता है। व्यापारियों को सौदों में सावधानी बरतनी होगी, क्योंकि गलत फैसले आर्थिक नुकसान का कारण बन सकते हैं। आपका कोई करीबी आपको धोखा दे सकता है। इसलिए पूरी सावधानी बरतें। प्रेम संबंधों में बहस या गलतफहमी की संभावना है। स्वास्थ्य में जोड़ों का दर्द, त्वचा की समस्या या थकान आपको परेशान कर सकती है। उपाय: भगवान गणेश को दूर्वा चढ़ाएं और 'ओम गं गणपतये नमः' मंत्र का 108 बार जाप करें।

वृश्चिक
चंद्रमा दिन के अधिकांश समय वृश्चिक राशि में रहेगा, जो इस राशि के लोगों के लिए भावनात्मक अस्थिरता और मानसिक तनाव का कारण बन सकता है। ज्येष्ठा नक्षत्र और पूर्णिमा तिथि का प्रभाव निर्णय लेने में उलझन पैदा कर सकता है। कार्यस्थल पर सहकर्मियों या वरिष्ठों के साथ मतभेद होने की संभावना है। पारिवारिक जीवन में छोटी-छोटी बातों पर गलतफहमी तनाव बढ़ा सकती है। स्वास्थ्य की दृष्टि से सिरदर्द, पेट की समस्या या नींद न आने जैसी समस्याएँ हो सकती हैं। उपाय: चंद्रमा के प्रभाव को शांत करने के लिए चांदी के बर्तन में दूध पिएँ और माँ दुर्गा को सफेद फूल चढ़ाएँ।

कुंभ राशि
कुंभ राशि में राहु और वृश्चिक राशि में चंद्रमा की उपस्थिति मानसिक तनाव और अनिश्चितता का कारण बन सकती है। नौकरीपेशा लोगों को कार्यस्थल पर अतिरिक्त दबाव या अप्रत्याशित चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। पारिवारिक जीवन में माता-पिता या जीवनसाथी के साथ तनाव हो सकता है। स्वास्थ्य में नींद की कमी, तनाव या पाचन संबंधी समस्याएँ आपको परेशान कर सकती हैं। उपाय: भगवान शिव को बेलपत्र चढ़ाएँ और 'ॐ नमः शिवाय' मंत्र का 108 बार जाप करें।