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Solar Eclipse 2026: इस साल दो सूर्य ग्रहण, जानें कब लगेगा अगला ग्रहण और क्या रहेगा सूतक काल का असर

 

इस वर्ष कुल दो सूर्य ग्रहण लगने की खगोलीय घटना दर्ज की गई है, जिनमें से एक ग्रहण पहले ही लग चुका है, जबकि दूसरा अब आने वाले समय में लगने वाला है। खगोलशास्त्र और ज्योतिष दोनों की दृष्टि से सूर्य ग्रहण एक महत्वपूर्ण घटना मानी जाती है, जिसका धार्मिक और वैज्ञानिक दोनों तरह से अध्ययन किया जाता है।

हालांकि सोशल मीडिया पर यह चर्चा भी चल रही है कि सोमवती अमावस्या पर सूर्य ग्रहण लग सकता है, लेकिन ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार इस वर्ष सोमवती अमावस्या के दिन कोई सूर्य ग्रहण नहीं पड़ रहा है।

ज्योतिषाचार्यों के अनुसार सूर्य ग्रहण हमेशा अमावस्या तिथि पर ही लगता है, जब चंद्रमा पृथ्वी और सूर्य के बीच आकर सूर्य को आंशिक या पूर्ण रूप से ढक लेता है। आने वाला सूर्य ग्रहण भी एक निश्चित अमावस्या तिथि पर ही घटित होगा, जिसकी सटीक तारीख खगोलीय गणनाओं के आधार पर तय होती है।

सूतक काल को लेकर भी लोगों में अक्सर भ्रम की स्थिति रहती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सूर्य ग्रहण का सूतक ग्रहण शुरू होने से लगभग 12 घंटे पहले लग जाता है। हालांकि, सूतक तभी मान्य होता है जब ग्रहण भारत में दिखाई दे। यदि ग्रहण देश में दृश्य नहीं होता, तो सूतक का प्रभाव भी मान्य नहीं माना जाता।

विशेषज्ञों का कहना है कि ग्रहण के दौरान पूजा-पाठ, भोजन और कुछ धार्मिक गतिविधियों को लेकर परंपरागत सावधानियां बरती जाती हैं, जबकि वैज्ञानिक दृष्टिकोण से इसे एक खगोलीय घटना माना जाता है। ल मिलाकर, इस वर्ष सूर्य ग्रहण अमावस्या तिथि पर ही लगेगा, लेकिन सोमवती अमावस्या से इसका कोई संबंध नहीं है और सूतक का प्रभाव भी दृश्यता पर निर्भर करेगा।