×

Maa chandraghanta puja mantra: नवरात्रि तीसरा​ दिन, आज करें मां चंद्रघंटा के इन मंत्रों का जाप

 

शारदीय नवरात्रि त्योहार इस बार 17 अक्टूबर से शुरू हुआ हैं वही आज नवरात्रि का तीसरा दिन हैं आज के दिन मां दुर्गा के तीसरे रूप मां चंद्रघंटा की आराधना की जाती हैं इस दिन मां की पूजा होती हैं मान्यताओं के मुताबिक अगर मां चंद्रघंटा की पूजा की जाए तो उनकी कृपा से अलौकिक वस्तुओं के दर्शन हो जाते हैं साथ ही दिव्य सुगंधियों का अनुभव होता हैं मां दुर्गा का यह रूप परम शांतिदायक और कल्याणकारी माना गया हैं माता के मस्तक में घंटे का आकार का अर्धचंद्र हैं इसी कारण देवी मां को चंद्रघंटा कहा जाता हैं माता के दस हाथ हैं देवी मां का वाहन सिंह माना गया हैं

वही शारदीय नवरात्रि के तीसरे दिन मां चंद्रघंटा की पूजा करनी चाहिए। माता को लाल रंग के पुष्प अर्पित करें। देवी मां को लाल सेब चढ़ाएं। जब आप मां को भोग चढ़ाएं और मंत्रों का जाप जरूर करें। तो घंटी जरूर बजाएं। मां चंद्रघंटा को दूध अर्पित करना चाहिए और दुध से बनी चीजों का भी आप भोग मां को लगा सकते हैं अपनी इच्छा अनुसार आज के दिन दान भी करना चाहिए। मां चंद्रघंटा को मखाने की खीर का भोग लगाएं। इससे देवी मां प्रसन्न हो जाती हैं और अपने भक्तों के सभी दुख दर्द दूर कर देती हैं तो आज पूजा में जरूर पढ़ें मां चंद्रघंटा का यह मंत्र।

यहां पढ़ें मां चंद्रघंटा के मंत्र—

पिण्डजप्रवरारूढ़ा चण्डकोपास्त्रकेर्युता।

प्रसादं तनुते मह्यं चंद्रघण्टेति विश्रुता॥

वन्दे वांछित लाभाय चन्द्रार्धकृत शेखरम्।

सिंहारूढा चंद्रघंटा यशस्वनीम्॥

मणिपुर स्थितां तृतीय दुर्गा त्रिनेत्राम्।

खंग, गदा, त्रिशूल,चापशर,पदम कमण्डलु माला वराभीतकराम्॥

पटाम्बर परिधानां मृदुहास्या नानालंकार भूषिताम्।

मंजीर हार केयूर,किंकिणि, रत्नकुण्डल मण्डिताम॥

प्रफुल्ल वंदना बिबाधारा कांत कपोलां तुगं कुचाम्।

कमनीयां लावाण्यां क्षीणकटि नितम्बनीम्॥

आपदुध्दारिणी त्वंहि आद्या शक्तिः शुभपराम्।

अणिमादि सिध्दिदात्री चंद्रघटा प्रणमाभ्यम्॥

चन्द्रमुखी इष्ट दात्री इष्टं मन्त्र स्वरूपणीम्।

धनदात्री, आनन्ददात्री चन्द्रघंटे प्रणमाभ्यहम्॥

नानारूपधारिणी इच्छानयी ऐश्वर्यदायनीम्।

सौभाग्यारोग्यदायिनी चंद्रघंटप्रणमाभ्यहम्॥