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शारदीय नवरात्रि 2026: क्या आप जानते हैं मां दुर्गा के 108 नाम? जाप से मिलते हैं कई फायदे
 

 

शारदीय नवरात्रि का पर्व मां दुर्गा की आराधना और भक्ति के लिए विशेष माना जाता है। इन नौ दिनों में भक्त मां दुर्गा के अलग-अलग स्वरूपों की पूजा करते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां दुर्गा के 108 नामों का जाप करने से मन को शांति मिलती है और भक्तों में सकारात्मकता, साहस तथा आत्मविश्वास का संचार होता है। नवरात्रि के दौरान सुबह या शाम की पूजा में इन नामों का स्मरण किया जा सकता है।

मां दुर्गा के 108 नामों का क्या है महत्व?

हिंदू धार्मिक परंपरा में 108 संख्या को पवित्र माना जाता है। मां दुर्गा के 108 नाम उनके विभिन्न गुणों, शक्तियों और स्वरूपों का वर्णन करते हैं। भक्त इन नामों का जाप अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति, परिवार की सुख-शांति और आध्यात्मिक उन्नति की कामना से करते हैं।

मान्यता है कि श्रद्धापूर्वक मंत्र जाप करने से मन एकाग्र होता है और पूजा के प्रति भक्ति भाव मजबूत होता है। हालांकि, इनसे मिलने वाले चमत्कारिक या निश्चित भौतिक लाभों का वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है।

मां दुर्गा के 108 नाम

  1. सती

  2. साध्वी

  3. भवप्रीता

  4. भवानी

  5. भवमोचनी

  6. आर्या

  7. दुर्गा

  8. जया

  9. आद्या

  10. त्रिनेत्रा

  11. शूलधारिणी

  12. पिनाकधारिणी

  13. चित्रा

  14. चंद्रघंटा

  15. महातपा

  16. मनः

  17. बुद्धि

  18. अहंकारा

  19. चित्तरूपा

  20. चिता

  21. चिति

  22. सर्वमंत्रमयी

  23. सत्ता

  24. सत्यानंदस्वरूपिणी

  25. अनंता

  26. भाविनी

  27. भाव्या

  28. भव्या

  29. अभव्या

  30. सदागति

  31. शाम्भवी

  32. देवमाता

  33. चिंता

  34. रत्नप्रिया

  35. सर्वविद्या

  36. दक्षकन्या

  37. दक्षयज्ञविनाशिनी

  38. अपर्णा

  39. अनेकवर्णा

  40. पाटला

  41. पाटलावती

  42. पट्टाम्बरपरीधाना

  43. कलमंजीररंजिनी

  44. अमेयविक्रमा

  45. क्रूरा

  46. सुंदरी

  47. सुरसुंदरी

  48. वनदुर्गा

  49. मातंगी

  50. मातंगमुनिपूजिता

  51. ब्राह्मी

  52. माहेश्वरी

  53. ऐन्द्री

  54. कौमारी

  55. वैष्णवी

  56. चामुंडा

  57. वाराही

  58. लक्ष्मी

  59. पुरुषाकृति

  60. विमला

  61. उत्कर्षिणी

  62. ज्ञाना

  63. क्रिया

  64. नित्या

  65. बुद्धिदा

  66. बहुला

  67. बहुलप्रेमा

  68. सर्ववाहनवाहना

  69. निशुंभशुंभहननी

  70. महिषासुरमर्दिनी

  71. मधुकैटभहंत्री

  72. चंडमुंडविनाशिनी

  73. सर्वासुरविनाशा

  74. सर्वदानवघातिनी

  75. सर्वशास्त्रमयी

  76. सत्या

  77. सर्वास्त्रधारिणी

  78. अनेकशस्त्रहस्ता

  79. अनेकास्त्रधारिणी

  80. कुमारी

  81. एककन्या

  82. कैशोरी

  83. युवती

  84. यति

  85. अप्रौढ़ा

  86. प्रौढ़ा

  87. वृद्धमाता

  88. बलप्रदा

  89. महोदरी

  90. मुक्तकेशी

  91. घोररूपा

  92. महाबला

  93. अग्निज्वाला

  94. रौद्रमुखी

  95. कालरात्रि

  96. तपस्विनी

  97. नारायणी

  98. भद्रकाली

  99. विष्णुमाया

  100. जलोदरी

  101. शिवदूती

  102. कराली

  103. अनंता

  104. परमेश्वरी

  105. कात्यायनी

  106. सावित्री

  107. प्रत्यक्षा

  108. ब्रह्मवादिनी

नोट: अलग-अलग धार्मिक ग्रंथों और परंपराओं में मां दुर्गा के 108 नामों की सूचियों में अंतर मिल सकता है।

मां दुर्गा के 108 नामों का जाप कैसे करें?

नवरात्रि में सुबह स्नान करके स्वच्छ वस्त्र पहनें। पूजा स्थल पर मां दुर्गा के सामने दीपक जलाएं और फूल अर्पित करें। इसके बाद शांत मन से मां के 108 नामों का पाठ करें। चाहें तो 108 मनकों वाली माला से मंत्र जाप भी कर सकते हैं।

जाप के दौरान मन को एकाग्र रखें और मां दुर्गा का ध्यान करें। पूजा पूरी होने के बाद आरती करें और परिवार की सुख-शांति की प्रार्थना करें।

108 नामों के जाप से मिलने वाले लाभ

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां दुर्गा के नामों का नियमित स्मरण भक्तों में श्रद्धा और आत्मविश्वास बढ़ाने में सहायक माना जाता है। मंत्र जाप और ध्यान से मन को शांत करने, एकाग्रता बढ़ाने और दिनचर्या में अनुशासन बनाए रखने में भी मदद मिल सकती है।

नवरात्रि में मां दुर्गा की पूजा का मुख्य संदेश बुराई पर अच्छाई की विजय, साहस, करुणा और आत्मबल को अपनाना है। इसलिए मां के नामों का जाप करते समय उनके गुणों को अपने जीवन में उतारने का संकल्प भी लेना चाहिए।