Shani Upay 27 June 2026: शनि प्रदोष पर करें ये आसान उपाय, साढ़ेसाती और ढैय्या के अशुभ प्रभाव हो सकते हैं कम
27 जून 2026, शनिवार को शनि प्रदोष व्रत का विशेष संयोग बन रहा है। हिंदू धर्म में प्रदोष व्रत भगवान शिव को समर्पित माना जाता है, जबकि शनिवार का संबंध शनिदेव से है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन भगवान शिव और शनिदेव की पूजा करने से शनि दोष, साढ़ेसाती और ढैय्या के अशुभ प्रभावों में कमी आ सकती है। हालांकि, ये मान्यताएं आस्था और ज्योतिषीय परंपराओं पर आधारित हैं।
1. भगवान शिव का अभिषेक करें
शनि प्रदोष के दिन प्रदोष काल में शिवलिंग का जल, गंगाजल, दूध, दही, शहद और बेलपत्र से अभिषेक करें। इसके बाद 'ॐ नमः शिवाय' मंत्र का जाप करें। मान्यता है कि इससे भगवान शिव प्रसन्न होते हैं और शनिदेव के अशुभ प्रभाव भी कम होते हैं।
2. शनिदेव को अर्पित करें सरसों का तेल
शनिवार के दिन शनिदेव की प्रतिमा या शनि मंदिर में सरसों का तेल अर्पित करें। इसके साथ ही काले तिल, उड़द की दाल और नीले या काले रंग के वस्त्र का दान करना भी शुभ माना जाता है।
3. पीपल के वृक्ष के नीचे दीपक जलाएं
धार्मिक मान्यता के अनुसार शनिवार की शाम पीपल के वृक्ष के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाना शुभ होता है। इससे शनिदेव की कृपा प्राप्त होने और जीवन की बाधाएं दूर होने की मान्यता है।
4. हनुमान जी की आराधना करें
शनिदेव की कृपा पाने के लिए हनुमान जी की पूजा भी विशेष फलदायी मानी जाती है। इस दिन हनुमान चालीसा और बजरंग बाण का पाठ करने से भय, बाधाएं और शनि के कष्ट कम होने की मान्यता है।
5. जरूरतमंदों को करें दान
शनि प्रदोष के दिन गरीब और जरूरतमंद लोगों को भोजन, काले तिल, कंबल, छाता, चप्पल या अन्य उपयोगी वस्तुओं का दान करना शुभ माना जाता है। मान्यता है कि इससे पुण्य की प्राप्ति होती है और शनि के अशुभ प्रभाव कम हो सकते हैं।
किन लोगों के लिए माना जाता है विशेष?
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार जिन लोगों की कुंडली में शनि की साढ़ेसाती, ढैय्या या शनि की प्रतिकूल स्थिति चल रही हो, उनके लिए शनि प्रदोष का दिन विशेष महत्व रखता है। इस दिन श्रद्धापूर्वक पूजा और उपाय करने से मानसिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा मिलने की मान्यता है।