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Sawan Somwar 2026: तीसरे सोमवार 17 अगस्त को अर्द्धनारीश्वर स्वरूप में दर्शन देंगे भगवान शिव, 24 अगस्त को होगा रुद्राक्ष शृंगार

 

सावन का पवित्र महीना भगवान शिव की भक्ति और आराधना के लिए विशेष महत्व रखता है। सावन के प्रत्येक सोमवार को शिव मंदिरों में विशेष पूजा, अभिषेक और शृंगार किया जाता है। इस वर्ष सावन के तीसरे सोमवार 17 अगस्त 2026 को भगवान शिव के भक्तों को उनका दिव्य अर्द्धनारीश्वर स्वरूप देखने का अवसर मिलेगा। वहीं, सावन के अंतिम सोमवार 24 अगस्त 2026 को बाबा का भव्य रुद्राक्ष शृंगार किया जाएगा।

मंदिर प्रशासन की ओर से श्रद्धालुओं के लिए विशेष दर्शन व्यवस्था की जा रही है। इस दौरान भगवान शिव की पंचवदन प्रतिमा भी दर्शन के लिए स्थापित की जाएगी, जिसे देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है।

अर्द्धनारीश्वर स्वरूप का धार्मिक महत्व

भगवान शिव का अर्द्धनारीश्वर स्वरूप अत्यंत दिव्य और विशेष माना जाता है। इस रूप में भगवान शिव और माता पार्वती का आधा-आधा स्वरूप दिखाई देता है। यह स्वरूप शिव और शक्ति के मिलन, सृष्टि में संतुलन और स्त्री-पुरुष ऊर्जा की समानता का प्रतीक माना जाता है।

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धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, अर्द्धनारीश्वर स्वरूप के दर्शन करने से वैवाहिक जीवन में सुख-शांति आती है और परिवार में प्रेम व सामंजस्य बढ़ता है। सावन सोमवार के दिन इस विशेष स्वरूप के दर्शन का महत्व और भी बढ़ जाता है।

पंचवदन प्रतिमा के होंगे दर्शन

सावन के तीसरे सोमवार पर भक्तों के लिए भगवान शिव की पंचवदन प्रतिमा भी रखी जाएगी। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार पंचमुखी शिव स्वरूप भगवान शिव की पांच शक्तियों का प्रतीक है। इसमें शिव के पांच मुखों को अलग-अलग दिव्य शक्तियों से जोड़ा जाता है।

मान्यता है कि पंचवदन शिव की पूजा करने से भक्तों को आध्यात्मिक शक्ति, सकारात्मक ऊर्जा और जीवन में सुख-समृद्धि का आशीर्वाद प्राप्त होता है।

24 अगस्त को होगा रुद्राक्ष शृंगार

सावन के चौथे सोमवार यानी 24 अगस्त 2026 को भगवान शिव का रुद्राक्ष से विशेष शृंगार किया जाएगा। रुद्राक्ष को भगवान शिव का प्रिय माना जाता है और इसे पवित्रता, शांति और आध्यात्मिक ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है।

इस अवसर पर बाबा का आकर्षक शृंगार किया जाएगा और विशेष पूजा-अर्चना, आरती एवं धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन होगा। श्रद्धालु भगवान शिव के इस अनोखे स्वरूप के दर्शन कर सकेंगे।

सावन सोमवार पर उमड़ती है श्रद्धालुओं की भीड़

सावन के सोमवार को शिव भक्त सुबह से ही मंदिरों में पहुंचकर जलाभिषेक करते हैं। भक्त भगवान शिव को जल, गंगाजल, बेलपत्र, धतूरा, भांग, फूल और अन्य पूजन सामग्री अर्पित करते हैं। मान्यता है कि सावन में सच्चे मन से भगवान शिव की पूजा करने से मनोकामनाएं पूरी होती हैं।