Sawan 2026: कब से शुरू होगा सावन का महीना? जानें पहला दिन, शुभ योग, पूजा मुहूर्त और भगवान शिव की आराधना का महत्व
हिंदू धर्म में सावन का महीना भगवान शिव को समर्पित सबसे पवित्र महीनों में से एक माना जाता है। इस महीने में भक्त भगवान भोलेनाथ की पूजा, जलाभिषेक, रुद्राभिषेक और व्रत करते हैं। धार्मिक मान्यता है कि सावन में श्रद्धा और विधि-विधान से भगवान शिव की आराधना करने से जीवन में सुख-शांति, समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा का आगमन होता है।
सावन के महीने में सोमवार व्रत का विशेष महत्व माना जाता है। भक्त शिव मंदिरों में जाकर शिवलिंग पर जल, दूध, बेलपत्र और अन्य पूजन सामग्री अर्पित करते हैं। आइए जानते हैं साल 2026 में सावन का पहला दिन कब है, शुभ योग और पूजा के लिए महत्वपूर्ण समय।
सावन 2026 कब से शुरू होगा?
हिंदू पंचांग के अनुसार, सावन मास की शुरुआत 29 जुलाई 2026, बुधवार से होने की मान्यता है। इसी दिन से भगवान शिव की विशेष आराधना का महीना शुरू होगा। सावन का समापन अगस्त महीने में होगा।
सावन के दौरान पड़ने वाले सोमवार को विशेष शुभ माना जाता है। इस दिन शिव भक्त व्रत रखते हैं और भगवान शिव का अभिषेक कर मनोकामनाओं की पूर्ति की प्रार्थना करते हैं।
सावन में बनने वाले शुभ योग
ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, सावन महीने में ग्रहों और नक्षत्रों की स्थिति के कारण कई शुभ योग बन सकते हैं। इन योगों में पूजा-पाठ, दान और धार्मिक कार्य करना शुभ माना जाता है।
सावन में भगवान शिव की आराधना करने से मन की शांति और आध्यात्मिक ऊर्जा बढ़ने की मान्यता है। हालांकि शुभ योग और मुहूर्त स्थान और पंचांग के अनुसार अलग-अलग हो सकते हैं।
सावन में भगवान शिव की पूजा विधि
- सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
- भगवान शिव का ध्यान करते हुए पूजा का संकल्प लें।
- शिवलिंग पर जल, दूध, बेलपत्र और फूल अर्पित करें।
- भगवान शिव को प्रिय मंत्रों का जाप करें।
- शिव चालीसा और महामृत्युंजय मंत्र का पाठ करना शुभ माना जाता है।
सावन सोमवार का महत्व
सावन के सोमवार को भगवान शिव की कृपा प्राप्त करने के लिए विशेष फलदायी माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन व्रत और पूजा करने से मनोकामनाएं पूरी होती हैं और जीवन में आने वाली परेशानियां कम होती हैं।
सावन में करें ये शुभ कार्य
- जरूरतमंदों को दान करें।
- शिव मंदिर में जाकर पूजा-अर्चना करें।
- धार्मिक ग्रंथों का पाठ करें।
- सात्विक भोजन और सकारात्मक विचारों का पालन करें।