Sawan 2026: इस बार बेहद खास रहेगा सावन का महीना, तीसरे सोमवार पर बन रहा शुभ संयोग; जानें महत्व
भगवान शिव की आराधना के लिए सावन का महीना सबसे पवित्र महीनों में से एक माना जाता है। इस महीने में शिव भक्त पूरी श्रद्धा और भक्ति के साथ भोलेनाथ की पूजा-अर्चना करते हैं। इस साल सावन का महीना धार्मिक दृष्टि से बेहद खास रहने वाला है, क्योंकि इस दौरान एक विशेष संयोग बन रहा है। खासतौर पर सावन का तीसरा सोमवार भक्तों के लिए बहुत महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सावन सोमवार के दिन भगवान शिव की पूजा, जलाभिषेक और रुद्राभिषेक करने से विशेष फल की प्राप्ति होती है। इस बार बनने वाले शुभ योग के कारण तीसरे सोमवार का महत्व और अधिक बढ़ गया है।
सावन का तीसरा सोमवार क्यों है खास?
ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, सावन के तीसरे सोमवार को ग्रह-नक्षत्रों की विशेष स्थिति बन रही है। इस दिन भगवान शिव की पूजा करने से मनोकामनाओं की पूर्ति और जीवन में सुख-समृद्धि आने की मान्यता है।
भक्त इस दिन सुबह स्नान करने के बाद शिव मंदिर जाकर भगवान शिव को जल, दूध, बेलपत्र, धतूरा और फल अर्पित करते हैं। साथ ही "ॐ नमः शिवाय" मंत्र का जाप भी शुभ माना जाता है।
सावन सोमवार व्रत का महत्व
हिंदू धर्म में सावन सोमवार व्रत को विशेष फलदायी माना गया है। मान्यता है कि माता पार्वती ने भगवान शिव को पति रूप में पाने के लिए सावन महीने में कठोर तपस्या की थी। इसलिए इस महीने में शिव आराधना करने से भगवान भोलेनाथ प्रसन्न होते हैं।
अविवाहित लड़कियां अच्छे जीवनसाथी की कामना से सावन सोमवार का व्रत रखती हैं, जबकि विवाहित महिलाएं परिवार की सुख-शांति और खुशहाली के लिए पूजा करती हैं।
तीसरे सोमवार पर करें ये उपाय
- भगवान शिव का जलाभिषेक करें।
- शिवलिंग पर बेलपत्र और सफेद फूल अर्पित करें।
- शिव मंत्रों का जाप करें।
- जरूरतमंदों को दान करें।
- शिव मंदिर में दीपक जलाएं।
सावन में बढ़ जाता है शिव भक्ति का महत्व
सावन के पूरे महीने में देशभर के शिव मंदिरों में भक्तों की भारी भीड़ देखने को मिलती है। कांवड़ यात्रा भी इसी दौरान निकाली जाती है, जिसमें लाखों श्रद्धालु गंगाजल लेकर भगवान शिव का अभिषेक करते हैं।
मान्यता है कि सावन में सच्चे मन से भगवान शिव की पूजा करने से जीवन की परेशानियां दूर होती हैं और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।