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Sawan 2026: सावन में शुरू किए गए ये व्रत दिलाते हैं शुभ फल, जानें कौन-कौन से व्रतों के लिए माना जाता है यह महीना खास

 

हिंदू धर्म में सावन का महीना भगवान शिव की आराधना के लिए बेहद पवित्र और विशेष माना जाता है। इस पूरे महीने में भक्त भगवान भोलेनाथ की पूजा, जलाभिषेक, रुद्राभिषेक और व्रत करते हैं। धार्मिक मान्यता है कि सावन में सच्चे मन से की गई शिव भक्ति से जीवन के कष्ट दूर होते हैं और भगवान शिव की कृपा प्राप्त होती है।

सावन का महीना केवल भगवान शिव की पूजा के लिए ही नहीं, बल्कि कई शुभ व्रतों की शुरुआत के लिए भी महत्वपूर्ण माना जाता है। मान्यता है कि इस माह में शुरू किए गए कुछ व्रत लंबे समय तक शुभ फल प्रदान करते हैं।

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सावन सोमवार व्रत

सावन में सबसे प्रमुख व्रत सावन सोमवार का माना जाता है। भगवान शिव को समर्पित इस व्रत में भक्त सोमवार के दिन उपवास रखते हैं और शिवलिंग पर जल, दूध, बेलपत्र और अन्य पूजन सामग्री अर्पित करते हैं।

धार्मिक मान्यता के अनुसार, सावन सोमवार का व्रत करने से मनोकामनाएं पूरी होती हैं और वैवाहिक जीवन में सुख-शांति आती है। अविवाहित लड़कियां भी अच्छे जीवनसाथी की कामना से यह व्रत रखती हैं।

प्रदोष व्रत की शुरुआत के लिए शुभ महीना

प्रदोष व्रत भगवान शिव और माता पार्वती को समर्पित माना जाता है। सावन महीने में आने वाले प्रदोष व्रत का विशेष महत्व होता है।

मान्यता है कि प्रदोष काल में भगवान शिव की पूजा करने से जीवन में आने वाली परेशानियां दूर होती हैं और सुख-समृद्धि का आगमन होता है।

मंगला गौरी व्रत

सावन महीने में मंगलवार को रखा जाने वाला मंगला गौरी व्रत भी काफी महत्वपूर्ण माना जाता है। यह व्रत माता पार्वती को समर्पित होता है।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, विवाहित महिलाएं अपने पति की लंबी आयु और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना से यह व्रत रखती हैं। सावन में इस व्रत का विशेष महत्व बताया गया है।

सोलह सोमवार व्रत

भगवान शिव की कृपा पाने के लिए कई लोग सावन महीने से सोलह सोमवार व्रत की शुरुआत करते हैं। इस व्रत को लगातार 16 सोमवार तक करने की परंपरा है।

मान्यता है कि इस व्रत से भगवान शिव प्रसन्न होते हैं और जीवन में सुख, सौभाग्य और मनचाही इच्छा की पूर्ति होती है।

शिवरात्रि व्रत

सावन महीने में आने वाली शिवरात्रि भी भगवान शिव की उपासना के लिए खास मानी जाती है। इस दिन भक्त उपवास रखकर रात्रि में भगवान शिव की पूजा करते हैं।

मान्यता है कि सावन शिवरात्रि पर शिव आराधना करने से भगवान भोलेनाथ का आशीर्वाद प्राप्त होता है।

व्रत शुरू करते समय रखें इन बातों का ध्यान

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, किसी भी व्रत की शुरुआत श्रद्धा और संकल्प के साथ करनी चाहिए। व्रत के दौरान सात्विक भोजन, सकारात्मक विचार और नियमित पूजा-पाठ का पालन करना शुभ माना जाता है।

सावन का महीना भगवान शिव की भक्ति और आध्यात्मिक साधना के लिए उत्तम समय माना गया है। इस दौरान किए गए व्रत और पूजा से मन को शांति और सकारात्मक ऊर्जा मिलने की धार्मिक मान्यता है।