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रक्षाबंधन शुभ चौघड़िया: जानें राखी बांधने का शुभ समय और पूर्णिमा तिथि का महत्व

 

रक्षाबंधन का पर्व भाई-बहन के प्रेम और विश्वास का प्रतीक माना जाता है। इस दिन बहनें अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांधकर उनकी लंबी उम्र, सुख-समृद्धि और अच्छे स्वास्थ्य की कामना करती हैं। वहीं भाई अपनी बहनों की रक्षा का वचन देते हैं। हिंदू पंचांग के अनुसार रक्षाबंधन का पर्व श्रावण मास की पूर्णिमा तिथि को मनाया जाता है।

इस बार पूर्णिमा तिथि दिन में 9:18 बजे समाप्त हो जाएगी। हालांकि धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, पूरे दिन रक्षाबंधन का पर्व मनाया जा सकता है और बहनें शुभ समय देखकर भाई की कलाई पर राखी बांध सकती हैं।

रक्षाबंधन पर शुभ चौघड़िया का महत्व

हिंदू धर्म में किसी भी शुभ कार्य को करने से पहले शुभ मुहूर्त और चौघड़िया देखने की परंपरा है। रक्षाबंधन के दिन भी कई लोग शुभ चौघड़िया देखकर राखी बांधना पसंद करते हैं। मान्यता है कि शुभ समय में किया गया कार्य सकारात्मक ऊर्जा और शुभ फल प्रदान करता है।

दिन के चौघड़िया में शुभ, लाभ और अमृत चौघड़िया को विशेष रूप से शुभ माना जाता है। इस दौरान राखी बांधने से भाई-बहन के रिश्ते में प्रेम और मजबूती आने की धार्मिक मान्यता है।

रक्षाबंधन पर पूजा विधि

रक्षाबंधन के दिन सुबह स्नान करने के बाद घर में पूजा की जाती है। इसके बाद पूजा की थाली तैयार की जाती है, जिसमें राखी, रोली, अक्षत, दीपक, मिठाई और फूल रखे जाते हैं। सबसे पहले भगवान की पूजा करने के बाद बहन भाई के माथे पर तिलक लगाती है और उसकी कलाई पर राखी बांधती है।

राखी बांधते समय बहन भाई की सुख-समृद्धि और लंबी आयु की कामना करती है। इसके बाद भाई अपनी बहन को उपहार देता है और जीवनभर उसकी रक्षा करने का संकल्प लेता है।

भद्रा काल का भी रखा जाता है ध्यान

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, रक्षाबंधन पर भद्रा काल में राखी बांधना शुभ नहीं माना जाता। इसलिए पंचांग के अनुसार भद्रा समाप्त होने के बाद ही राखी बांधने की परंपरा है। हालांकि इस बार पूर्णिमा तिथि दिन में समाप्त होने के बावजूद पूरे दिन रक्षाबंधन का पर्व मनाने की मान्यता बताई जा रही है।

भाई-बहन के रिश्ते का पवित्र पर्व

रक्षाबंधन केवल एक धार्मिक त्योहार नहीं है, बल्कि यह भाई-बहन के बीच प्रेम, विश्वास और जिम्मेदारी का प्रतीक भी है। इस दिन परिवार के लोग एक साथ मिलकर खुशियां मनाते हैं और रिश्तों में मिठास बढ़ाते हैं।

शुभ चौघड़िया और शुभ मुहूर्त में राखी बांधकर भाई-बहन अपने रिश्ते को और मजबूत बनाते हैं। श्रद्धा और प्रेम के साथ मनाया गया रक्षाबंधन जीवन में खुशहाली और सकारात्मकता लाने वाला माना जाता है।