Nirjala Ekadashi 2026: निर्जला एकादशी व्रत से जुड़े 13 जरूरी सवाल और उनके जवाब, जानें मुहूर्त, पूजा विधि और नियम
हिंदू धर्म में निर्जला एकादशी को सभी एकादशियों में सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है। इस दिन भगवान विष्णु की पूजा-अर्चना की जाती है और व्रती बिना अन्न और जल ग्रहण किए उपवास रखते हैं। मान्यता है कि निर्जला एकादशी का व्रत करने से वर्षभर की सभी एकादशियों के बराबर पुण्य फल प्राप्त होता है। आइए जानते हैं निर्जला एकादशी से जुड़े 13 महत्वपूर्ण सवालों के जवाब।
1. निर्जला एकादशी 2026 कब है?
वर्ष 2026 में निर्जला एकादशी 27 मई, बुधवार को मनाई गई थी। यह ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को पड़ती है।
2. निर्जला एकादशी का महत्व क्या है?
धार्मिक मान्यता के अनुसार इस व्रत को करने से समस्त पापों का नाश होता है और भगवान विष्णु की विशेष कृपा प्राप्त होती है।
3. क्या निर्जला एकादशी में पानी पी सकते हैं?
नहीं। पारंपरिक नियमों के अनुसार निर्जला एकादशी में अन्न और जल दोनों का त्याग किया जाता है। हालांकि स्वास्थ्य संबंधी समस्या होने पर धार्मिक गुरु या चिकित्सक की सलाह ली जा सकती है।
4. पूजा का शुभ समय क्या है?
एकादशी के दिन प्रातः स्नान के बाद भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा करना शुभ माना जाता है। ब्रह्म मुहूर्त और प्रातःकालीन पूजा का विशेष महत्व बताया गया है।
5. व्रत की शुरुआत कब से होती है?
व्रत एकादशी तिथि के सूर्योदय से प्रारंभ माना जाता है और द्वादशी तिथि पर पारण के साथ पूर्ण होता है।
6. निर्जला एकादशी पर किस भगवान की पूजा की जाती है?
इस दिन भगवान विष्णु, श्रीहरि नारायण और माता लक्ष्मी की पूजा की जाती है।
7. पूजा में क्या अर्पित करना चाहिए?
भगवान विष्णु को पीले पुष्प, तुलसी दल, पंचामृत, फल और मिठाई अर्पित करना शुभ माना जाता है।
8. कौन-से मंत्र का जाप करना चाहिए?
"ॐ नमो भगवते वासुदेवाय" मंत्र का जाप विशेष फलदायी माना जाता है।
9. निर्जला एकादशी पर क्या दान करना चाहिए?
जल से भरा घड़ा, पंखा, छाता, वस्त्र, फल और अन्न का दान अत्यंत शुभ माना जाता है।
10. इस दिन क्या नहीं करना चाहिए?
- अन्न और जल का सेवन नहीं करना चाहिए।
- क्रोध, झूठ और विवाद से बचना चाहिए।
- तामसिक भोजन और नकारात्मक विचारों से दूर रहना चाहिए।
11. क्या महिलाएं निर्जला एकादशी का व्रत रख सकती हैं?
हां, महिलाएं भी यह व्रत रख सकती हैं। हालांकि गर्भवती, बुजुर्ग या अस्वस्थ लोगों को स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखना चाहिए।
12. व्रत का पारण कब किया जाता है?
द्वादशी तिथि में शुभ मुहूर्त के दौरान भगवान विष्णु की पूजा के बाद व्रत का पारण किया जाता है।
13. निर्जला एकादशी का फल क्या माना जाता है?
मान्यता है कि इस व्रत से मोक्ष की प्राप्ति, सुख-समृद्धि, आरोग्य और भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त होती है। इसे सभी एकादशी व्रतों का श्रेष्ठ फल देने वाला माना गया है।
निर्जला एकादशी पर करें ये शुभ कार्य
- भगवान विष्णु का अभिषेक करें।
- विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें।
- तुलसी की पूजा करें।
- गरीब और जरूरतमंद लोगों को दान दें।
- मंदिर में दीपक जलाएं।