☰
×

Navratri Panchang : नवरात्र के तीसरे दिन भौमे जया सिद्ध योग, चौथे दिन आयुष्मान योग पंचमी पर कालदंड औदायिक योग

 

शारदीय नवरात्र में तिथि, नक्षत्र और योग का विशेष महत्व माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, शुभ योगों में पूजा-पाठ, मंत्र जाप और देवी आराधना करना विशेष फलदायी माना जाता है। नवरात्र के तीसरे दिन भौमे जया सिद्ध योग, चौथे दिन आयुष्मान योग और पंचमी तिथि पर कालदंड औदायिक योग बनने की बात कही जा रही है। ऐसे में श्रद्धालु इन दिनों मां दुर्गा की पूजा-अर्चना और साधना के लिए पंचांग के अनुसार शुभ समय का ध्यान रख सकते हैं।

नवरात्र के तीन दिनों का पंचांग और पूजा का महत्व

13 अक्टूबर: तृतीया तिथि पर भौमे जया सिद्ध योग

मंगलवार, 13 अक्टूबर को नवरात्र की तृतीया तिथि पर मां चंद्रघंटा की पूजा की जाएगी। पंचांग के अनुसार, इस दिन विशाखा नक्षत्र रहेगा। प्रीति योग रात 9:30 बजे तक और भौमे जया सिद्ध योग रात 10:28 बजे तक रहने की जानकारी दी गई है। इसके बाद रवि योग बनेगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां चंद्रघंटा की आराधना साहस, आत्मविश्वास और मन की शांति के लिए की जाती है।

14 अक्टूबर: चौथे दिन आयुष्मान योग

<a style="border: 0px; overflow: hidden" href=https://youtube.com/embed/atJgxoSpOC8?autoplay=1&mute=1><img src=https://img.youtube.com/vi/atJgxoSpOC8/hqdefault.jpg alt=""><span><div class="youtube_play"></div></span></a>" style="border: 0px; overflow: hidden;" width="640">

बुधवार, 14 अक्टूबर को नवरात्र का चौथा दिन होगा। इस दिन मां कूष्मांडा की पूजा की जाएगी। पंचांग के मुताबिक, अनुराधा नक्षत्र रात 3:56 बजे तक रहेगा। आयुष्मान योग रात 9:38 बजे तक रहने के बाद सौम्य योग बनेगा। इस दिन विनायकी श्री गणेश चतुर्थी का व्रत भी रखा जाएगा। पंचांग में स्वर्ग लोक की भद्रा के साथ सर्वार्थ अमृत सिद्धि योग और रवि योग का भी उल्लेख है।

15 अक्टूबर: पंचमी पर कालदंड औदायिक योग

गुरुवार, 15 अक्टूबर को नवरात्र की पंचमी तिथि होगी। इस दिन मां स्कंदमाता की पूजा-अर्चना की जाएगी। पंचांग के अनुसार, ज्येष्ठा नक्षत्र और सौभाग्य योग का संयोग रहेगा। इसी दिन कालदंड नामक औदायिक योग का उल्लेख किया गया है। इसके अलावा उपांग ललिता व्रत भी रखा जाएगा। श्रद्धालु इस दिन मां स्कंदमाता की पूजा कर सुख-समृद्धि और परिवार की खुशहाली की कामना करेंगे।

नवरात्र में पूजा करते समय इन बातों का रखें ध्यान

नवरात्र के दौरान श्रद्धालु अपनी परंपरा के अनुसार मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा करते हैं। पूजा में स्वच्छता, नियमितता और श्रद्धा का विशेष महत्व माना जाता है। व्रत रखने वाले लोग अपनी सेहत के अनुसार खानपान और आराम का ध्यान रखें। पूजा या किसी विशेष अनुष्ठान के लिए शुभ मुहूर्त जानना हो, तो स्थानीय पंचांग के समय का मिलान कर लें, क्योंकि अलग-अलग स्थानों के अनुसार समय में अंतर हो सकता है।