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Navratri Hawan Mantra: आज महानवमी पर घर में कैसे करें हवन, जानें सामग्री, मंत्र और पूजा की पूरी विधि
 

 

शारदीय नवरात्रि की महानवमी आज, 19 अक्टूबर 2026 को मनाई जा रही है। इस दिन मां दुर्गा के नौवें स्वरूप मां सिद्धिदात्री की पूजा की जाती है। नवरात्रि के अंतिम दिनों में भक्त कन्या पूजन, दुर्गा पूजा और हवन करके अपनी साधना पूरी करते हैं। धार्मिक मान्यता है कि श्रद्धा के साथ हवन करने से घर में सुख-शांति और सकारात्मकता की कामना की जाती है। लेकिन अगर आप घर पर खुद हवन करना चाहते हैं और पंडित जी उपलब्ध नहीं हैं, तो सरल विधि से पूजा कर सकते हैं।

महानवमी पर हवन कब करें?

पंचांग के अनुसार, इस साल नवमी तिथि 19 अक्टूबर को सुबह 10:51 बजे शुरू हुई और 20 अक्टूबर को दोपहर 12:50 बजे तक रहेगी। कई परिवारों में नवमी की पूजा के बाद हवन किया जाता है, जबकि कुछ परंपराओं में दशमी के दिन हवन करने का विधान है। इसलिए अपने परिवार की परंपरा और स्थानीय पंचांग के अनुसार समय चुनें।

हवन के लिए जरूरी सामग्री

घर पर हवन करने से पहले ये सामग्री तैयार कर लें:

  • हवन कुंड और आम की सूखी लकड़ियां या समिधा

  • हवन सामग्री और थोड़ी मात्रा में घी

  • जौ, तिल और अक्षत

  • कपूर या अग्नि जलाने का सुरक्षित साधन

  • रोली, मौली, फूल और चंदन

  • जल से भरा लोटा या कलश

  • फल, मिठाई या हलवा-पूरी का भोग

  • पूर्णाहुति के लिए अपनी परंपरा के अनुसार सामग्री

सामग्री की सूची परिवार और क्षेत्र की पूजा परंपरा के अनुसार अलग हो सकती है।

घर पर महानवमी हवन की पूरी विधि

1. पूजा स्थल तैयार करें: सबसे पहले घर और पूजा स्थल की सफाई करें। मां दुर्गा के सामने दीपक जलाएं और फूल, अक्षत व रोली अर्पित करें।

2. गणेश जी का स्मरण करें: हवन शुरू करने से पहले भगवान गणेश का ध्यान करें और पूजा निर्विघ्न पूरी होने की प्रार्थना करें।

3. मां सिद्धिदात्री की पूजा करें: मां दुर्गा के नौवें स्वरूप का ध्यान करें। फूल और भोग अर्पित करके परिवार की सुख-समृद्धि और कल्याण की कामना करें।

4. हवन कुंड में अग्नि जलाएं: हवन कुंड को खुली और हवादार जगह पर रखें। थोड़ी सूखी लकड़ी से अग्नि प्रज्वलित करें। आग जलाने के लिए पेट्रोल, केरोसिन या दूसरे ज्वलनशील तरल पदार्थों का इस्तेमाल न करें।

5. मंत्रों के साथ आहुति दें: थोड़ी-थोड़ी हवन सामग्री और घी अर्पित करें। मंत्र बोलते समय श्रद्धा और एकाग्रता बनाए रखें।

6. पूर्णाहुति और प्रार्थना करें: हवन समाप्त होने पर अपनी परंपरा के अनुसार पूर्णाहुति दें और मां दुर्गा से परिवार के कल्याण की प्रार्थना करें।

महानवमी हवन के प्रमुख मंत्र

हवन के दौरान इन सरल मंत्रों का जाप किया जा सकता है:

मां दुर्गा का नवार्ण मंत्र

ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे।

मां सिद्धिदात्री का मंत्र

ॐ देवी सिद्धिदात्र्यै नमः।

सामान्य आहुति मंत्र

ॐ स्वाहा।

अपनी पारिवारिक परंपरा के अनुसार मंत्रों का प्रयोग करें। यदि मंत्रों के उच्चारण या विस्तृत वैदिक विधि को लेकर संदेह हो, तो योग्य पुरोहित की सलाह लेना उचित है।

कन्या पूजन और हवन का क्या है महत्व?

महानवमी पर कन्या पूजन करने की भी परंपरा है। भक्त छोटी कन्याओं को देवी के स्वरूप के रूप में सम्मान देते हैं और उन्हें भोजन कराते हैं। कई घरों में हलवा, पूरी और चने का प्रसाद बनाया जाता है। कन्याओं को दक्षिणा या उपहार देना भी प्रचलित है।

कुछ परिवार पहले कन्या पूजन करते हैं और फिर हवन, जबकि कुछ घरों में हवन के बाद कन्या पूजन किया जाता है। इस मामले में अपनी पारिवारिक परंपरा का पालन किया जा सकता है।

हवन करते समय इन बातों का रखें ध्यान

  • बंद कमरे में हवन न करें और पर्याप्त हवा आने-जाने दें।

  • हवन कुंड के पास पर्दे, कागज और अन्य ज्वलनशील वस्तुएं न रखें।

  • बच्चों को जलती अग्नि से दूर रखें।

  • घी और हवन सामग्री बहुत अधिक मात्रा में एक साथ न डालें।

  • हवन पूरा होने के बाद अग्नि को पूरी तरह बुझने दें और राख छूने से पहले उसके ठंडा होने की पुष्टि करें।

महानवमी पर हवन का मुख्य उद्देश्य श्रद्धापूर्वक मां दुर्गा की आराधना और परिवार के कल्याण की प्रार्थना करना है। सरल विधि से पूजा करते समय स्वच्छता, श्रद्धा और अग्नि सुरक्षा का ध्यान रखना सबसे जरूरी है।