नवरात्रि घटस्थापना 2026: कलश के नीचे कौन सा अनाज रखना है? ना करें ये 3 गलतियां
शारदीय नवरात्रि में घटस्थापना को बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। नवरात्रि की शुरुआत कलश स्थापना के साथ होती है और धार्मिक मान्यता के अनुसार कलश को देवी शक्ति का प्रतीक माना जाता है। घटस्थापना के दौरान कलश के नीचे रखी जाने वाली मिट्टी और उसमें बोए जाने वाले अनाज का भी विशेष महत्व बताया गया है। कई घरों में नवरात्रि के नौ दिनों तक जौ उगाने की परंपरा है।
कलश के नीचे कौन सा अनाज रखें?
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार घटस्थापना के समय कलश के नीचे मिट्टी के पात्र में जौ बोना शुभ माना जाता है। इसके लिए साफ मिट्टी लेकर पात्र में उसकी एक परत बिछाई जाती है। इसके बाद जौ के बीज डालकर ऊपर से हल्की मिट्टी डाली जाती है।
जौ को वृद्धि और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है। नवरात्रि के नौ दिनों में जौ के अंकुरित होने को लेकर भी कई धार्मिक मान्यताएं प्रचलित हैं। इसी पात्र के ऊपर कलश स्थापित किया जाता है।
यदि घर की परंपरा में जौ बोने की व्यवस्था नहीं है तो पूजा की विधि अपने कुलाचार और स्थानीय परंपरा के अनुसार की जा सकती है।
घटस्थापना में ना करें ये 3 गलतियां
1. गंदे स्थान पर कलश स्थापित न करें
घटस्थापना से पहले पूजा स्थान की अच्छी तरह सफाई करना जरूरी माना जाता है। जिस जगह कलश रखा जा रहा है, वहां गंदगी या अव्यवस्था नहीं होनी चाहिए। पूजा स्थल को साफ करके ही कलश स्थापना करें।
2. जौ बोने में खराब बीजों का इस्तेमाल न करें
कलश के नीचे जौ बोने की परंपरा निभा रहे हैं तो साफ और अच्छे बीज इस्तेमाल करें। सड़े या खराब जौ का इस्तेमाल करने से बचें। मिट्टी में जरूरत से ज्यादा पानी भी न डालें, क्योंकि इससे जौ खराब हो सकते हैं।
3. कलश स्थापना के बाद पूजा में लापरवाही न करें
घटस्थापना केवल कलश रखने तक सीमित नहीं मानी जाती। धार्मिक मान्यता के अनुसार नवरात्रि के दौरान रोजाना दीपक जलाकर मां दुर्गा की पूजा और मंत्र जाप करना शुभ माना जाता है। यदि अखंड ज्योति जला रहे हैं तो उसकी सुरक्षा का विशेष ध्यान रखें।
कलश स्थापना में क्या-क्या रखें?
घटस्थापना के लिए कलश, साफ जल, गंगाजल, आम के पत्ते, नारियल, मौली या कलावा, रोली, अक्षत, सुपारी, सिक्का और फूल जैसी सामग्री रखी जाती है। जौ बोने के लिए मिट्टी का पात्र, साफ मिट्टी और जौ के बीज तैयार रखें।
कलश को स्थापित करने के बाद मां दुर्गा का ध्यान करें और अपनी परंपरा के अनुसार पूजा करें। इसके बाद नौ दिनों तक देवी के अलग-अलग स्वरूपों की आराधना की जाती है।
जौ का क्या है धार्मिक महत्व?
हिंदू धार्मिक परंपराओं में जौ को शुभ और समृद्धि से जोड़कर देखा जाता है। नवरात्रि में बोए गए जौ को कई स्थानों पर पूजा का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है। नौ दिनों के बाद इन्हें देवी को अर्पित करने या श्रद्धापूर्वक रखने की परंपरा भी अलग-अलग क्षेत्रों में देखने को मिलती है।
ध्यान रखें कि घटस्थापना की विधि और सामग्री को लेकर अलग-अलग परिवारों और क्षेत्रों में परंपराएं भिन्न हो सकती हैं। इसलिए अपने परिवार की पूजा-पद्धति और स्थानीय पंचांग के अनुसार विधि अपनाना उचित रहेगा।