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Navratri 2026: महाष्टमी पर मां महागौरी को चढ़ाएं सफेद फूल, जानें इसका खास महत्व
 

 

नवरात्रि में महाष्टमी का दिन मां दुर्गा के आठवें स्वरूप मां महागौरी की पूजा के लिए विशेष माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां महागौरी का स्वरूप अत्यंत शांत, सौम्य और उज्ज्वल है। उन्हें सफेद रंग बेहद प्रिय माना जाता है। यही वजह है कि महाष्टमी के दिन भक्त मां महागौरी को सफेद फूल अर्पित करते हैं और सुख-समृद्धि, शांति तथा परिवार की खुशहाली की कामना करते हैं।

मां महागौरी की पूजा करने से मन को शांति मिलती है और जीवन में सकारात्मकता का संचार होता है, ऐसी मान्यता प्रचलित है। नवरात्रि के दौरान इस दिन मंदिरों और घरों में विशेष पूजा-अर्चना की जाती है। कई भक्त कन्या पूजन भी करते हैं और मां को हलवा, पूरी, चने तथा अन्य प्रसाद अर्पित करते हैं।

मां महागौरी को सफेद फूल चढ़ाने का खास महत्व

धार्मिक मान्यताओं में सफेद रंग को पवित्रता, शांति और सात्विकता का प्रतीक माना जाता है। मां महागौरी का स्वरूप भी सफेद रंग से जुड़ा हुआ है। इसलिए उनकी पूजा में सफेद फूल अर्पित करना शुभ माना जाता है।

मान्यता है कि मां महागौरी को श्रद्धापूर्वक सफेद फूल चढ़ाने से भक्तों को मानसिक शांति, सुख-समृद्धि और पारिवारिक जीवन में खुशहाली का आशीर्वाद मिलता है। हालांकि, ये धार्मिक आस्थाएं और परंपराएं हैं।

महाष्टमी पर कैसे करें मां महागौरी की पूजा?

महाष्टमी के दिन सुबह स्नान करके स्वच्छ वस्त्र पहनें। इसके बाद पूजा स्थल की सफाई कर मां दुर्गा के सामने दीपक जलाएं। मां महागौरी को सफेद फूल, अक्षत, रोली और फल अर्पित करें। इसके बाद धूप-दीप दिखाकर मां के मंत्रों का जाप करें और आरती करें।

  • मां को सफेद फूल या सफेद पुष्पों की माला अर्पित करें।

  • नारियल अथवा नारियल से बनी मिठाई का भोग लगा सकते हैं।

  • मां महागौरी के मंत्र का जाप करें।

  • पूजा के बाद परिवार की सुख-शांति और खुशहाली की प्रार्थना करें।

  • अपनी परंपरा के अनुसार कन्या पूजन करें।

    मां महागौरी का मंत्र

मां महागौरी की पूजा के दौरान इस मंत्र का जाप किया जा सकता है।

ॐ देवी महागौर्यै नमः॥

मान्यता है कि श्रद्धा और सच्चे मन से मां की आराधना करने से भक्तों को सकारात्मक ऊर्जा और मानसिक शांति मिलती है।

महाष्टमी 2026 कब है?

शारदीय नवरात्रि 2026 में महाष्टमी की तिथि को लेकर पंचांग के अनुसार ध्यान देना जरूरी है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के राष्ट्रीय पंचांग में महाष्टमी 19 अक्टूबर 2026, सोमवार को बताई गई है। अष्टमी तिथि 18 अक्टूबर को शुरू होकर 19 अक्टूबर की सुबह समाप्त हो रही है। इसलिए पूजा और कन्या पूजन का समय तय करने के लिए स्थानीय पंचांग देखना उचित रहेगा।