Jagannath Temple Kashi: 30 जून से अज्ञातवास पर जाएंगे भगवान जगन्नाथ, काढ़े का लगेगा भोग, स्वस्थ होने के बाद निकलेगी रथ यात्रा
काशी स्थित भगवान जगन्नाथ मंदिर में आषाढ़ मास के विशेष धार्मिक अनुष्ठानों की तैयारियां शुरू हो गई हैं। परंपरा के अनुसार 30 जून से भगवान जगन्नाथ अज्ञातवास (अनवसर काल) में चले जाएंगे। इस दौरान श्रद्धालु भगवान के प्रत्यक्ष दर्शन नहीं कर सकेंगे।
मान्यता है कि स्नान पूर्णिमा के बाद भगवान जगन्नाथ, उनके बड़े भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा अस्वस्थ हो जाते हैं। इसी कारण उन्हें विश्राम के लिए अज्ञातवास में रखा जाता है। इस अवधि में भगवान की विशेष सेवा की जाती है और उन्हें औषधीय गुणों से भरपूर काढ़े का भोग अर्पित किया जाता है, ताकि वे शीघ्र स्वस्थ हो सकें।
मंदिर के पुजारियों के अनुसार अज्ञातवास के दौरान भगवान के दर्शन बंद रहते हैं और केवल निर्धारित विधि-विधान से उनकी सेवा की जाती है। धार्मिक मान्यता के मुताबिक भगवान के स्वस्थ होने के बाद ही भक्तों को पुनः दर्शन का अवसर मिलता है।
अज्ञातवास की अवधि समाप्त होने पर भगवान जगन्नाथ अपने भक्तों को नवयौवन रूप में दर्शन देंगे। इसके बाद भव्य रथ यात्रा का आयोजन किया जाएगा, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होंगे। रथ यात्रा को लेकर मंदिर प्रशासन और भक्तों में खासा उत्साह देखा जा रहा है।
हिंदू धर्म में भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा का विशेष महत्व माना जाता है। काशी के जगन्नाथ मंदिर में आयोजित होने वाली यह परंपरा वर्षों पुरानी है, जिसे देखने और इसमें शामिल होने के लिए दूर-दूर से श्रद्धालु पहुंचते हैं।