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बच्चों की नजर कैसे उतारें? जानें 6 आसान तरीके
 

 

भारतीय परिवारों में बच्चों को नजर लगने की मान्यता काफी पुरानी है। घर के बड़े-बुजुर्ग अक्सर कहते हैं कि जब बच्चा अचानक चिड़चिड़ा हो जाए, बिना वजह रोने लगे या उसका व्यवहार बदल जाए तो उसकी नजर उतार देनी चाहिए। इसी वजह से कई घरों में बच्चों की नजर उतारने के लिए पारंपरिक उपाय अपनाए जाते हैं। हालांकि, नजर लगना एक धार्मिक और लोक मान्यता है, इसका कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। बच्चे की तबीयत खराब होने पर इसे नजर का असर मानकर इलाज में देरी नहीं करनी चाहिए।

बच्चों को नजर लगने के क्या हैं संकेत?

लोक मान्यताओं के अनुसार, बच्चों में नजर लगने पर कुछ बदलाव दिखाई दे सकते हैं। जैसे बच्चा अचानक ज्यादा रोने लगे, चिड़चिड़ा रहने लगे, ठीक से खाना न खाए या उसकी नींद प्रभावित हो जाए। कुछ परिवारों में बच्चे का बार-बार चौंकना या बेचैन रहना भी नजर लगने से जोड़कर देखा जाता है।

हालांकि, इन लक्षणों के पीछे भूख, थकान, पेट दर्द, संक्रमण या नींद की कमी जैसे सामान्य कारण भी हो सकते हैं।

बच्चों की नजर उतारने के 6 आसान पारंपरिक तरीके

1. नमक से नजर उतारना

कई घरों में सेंधा नमक या साधारण नमक से नजर उतारने की परंपरा है। इसके लिए थोड़ी मात्रा में नमक लेकर बच्चे से सुरक्षित दूरी रखते हुए हाथों से प्रतीकात्मक रूप से नजर उतारने की रस्म की जाती है। नमक को बच्चे के मुंह या शरीर पर न लगाएं और उसे बच्चे की पहुंच से दूर रखें।

2. राई और नमक का इस्तेमाल

कुछ परिवारों में राई और नमक को एक साथ लेकर नजर उतारने की परंपरा है। इन्हें बच्चे के सिर से पैर तक घुमाने की रस्म की जाती है। इस दौरान ध्यान रखें कि राई या नमक बच्चे की आंख, नाक और मुंह में न जाए। छोटे बच्चों के आसपास इन्हें जलाना भी सुरक्षित नहीं है।

3. काले टीके की परंपरा

बच्चों को नजर से बचाने के लिए माथे, कान के पीछे या पैर के तलवे पर काला टीका लगाने की परंपरा है। कई परिवार इसे शुभ मानते हैं। लेकिन छोटे बच्चों की संवेदनशील त्वचा पर काजल, सुरमा या अन्य उत्पाद लगाने से बचना चाहिए। इनमें मौजूद तत्व जलन या एलर्जी पैदा कर सकते हैं।

4. फिटकरी से नजर उतारने की मान्यता

कुछ क्षेत्रों में फिटकरी से नजर उतारने का चलन है। लोक मान्यता के अनुसार, फिटकरी को बच्चे के ऊपर से प्रतीकात्मक रूप से घुमाया जाता है। हालांकि, फिटकरी को बच्चे की त्वचा पर रगड़ना या उसके हाथ में देना उचित नहीं है। इसे बच्चों से दूर रखें।

5. भगवान से प्रार्थना करना

कई माता-पिता बच्चे की अच्छी सेहत और खुशहाली के लिए पूजा-पाठ या प्रार्थना करते हैं। इसे परिवार में सकारात्मकता और मानसिक शांति से जोड़कर देखा जाता है। आप बच्चे के पास बैठकर शांत मन से प्रार्थना कर सकते हैं।

6. घर में साफ-सफाई और सकारात्मक माहौल रखना

बच्चों के आसपास साफ-सफाई रखना, उन्हें पर्याप्त नींद देना और समय पर भोजन कराना बेहद जरूरी है। घर का शांत और सुरक्षित माहौल बच्चे को सहज महसूस कराने में मदद करता है। यह नजर उतारने का धार्मिक उपाय नहीं, बल्कि बच्चे की देखभाल का व्यावहारिक तरीका है।

नजर उतारते समय इन बातों का रखें ध्यान

बच्चों की सुरक्षा सबसे जरूरी है। नजर उतारने के नाम पर मिर्च, कपूर, अगरबत्ती या अन्य चीजें बच्चे के आसपास न जलाएं। धुआं और तेज गंध बच्चों की सांस लेने में परेशानी पैदा कर सकते हैं। बच्चे को डराने या किसी तरह की असुविधा पहुंचाने वाली रस्मों से भी बचें।

अगर बच्चा लगातार रो रहा है, दूध या खाना नहीं पी रहा, उसे बुखार है, सांस लेने में परेशानी हो रही है या वह सामान्य से बहुत ज्यादा सुस्त दिखाई दे रहा है तो डॉक्टर से संपर्क करें। खासकर तीन महीने से कम उम्र के बच्चे को 38 डिग्री सेल्सियस या इससे अधिक बुखार होने पर तुरंत चिकित्सकीय सलाह लेनी चाहिए।