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कार्तिक मास में तुलसी पूजा और तुलसी दीपदान कैसे करें?
 

 

हिंदू धर्म में कार्तिक मास को भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की आराधना के लिए बेहद खास माना जाता है। इस महीने में तुलसी पूजा और दीपदान का विशेष महत्व होता है। धार्मिक मान्यता है कि कार्तिक मास में रोजाना तुलसी माता की पूजा करने और शाम के समय उनके पास दीपक जलाने से घर में सुख-शांति और समृद्धि बनी रहती है। मान्यता यह भी है कि तुलसी पूजा से भगवान श्रीहरि प्रसन्न होते हैं।

इस साल कार्तिक मास की शुरुआत 27 अक्टूबर 2026 से हुई है और इसका समापन 24 नवंबर को होगा। ऐसे में आइए जानते हैं कार्तिक मास में तुलसी पूजा और दीपदान की सही विधि क्या है।

कार्तिक मास में तुलसी पूजा का महत्व

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, तुलसी को मां लक्ष्मी का स्वरूप माना जाता है। भगवान विष्णु की पूजा में तुलसी दल का विशेष महत्व है। यही वजह है कि कार्तिक महीने में तुलसी की नियमित पूजा करने की परंपरा है। मान्यता है कि इस दौरान तुलसी के पास दीपक जलाने से परिवार में सुख-समृद्धि आती है और घर का वातावरण सकारात्मक बना रहता है।

सुबह इस विधि से करें तुलसी पूजा

  1. सुबह स्नान करने के बाद साफ और स्वच्छ कपड़े पहनें।

  2. तुलसी के पौधे के आसपास की जगह को साफ करें।

  3. तुलसी की जड़ में थोड़ा जल अर्पित करें।

  4. तुलसी माता को रोली, चंदन, अक्षत और फूल चढ़ाएं।

  5. धूप और दीपक जलाकर तुलसी माता की आरती करें।

  6. तुलसी के सामने हाथ जोड़कर परिवार की सुख-शांति और समृद्धि की प्रार्थना करें।

  7. श्रद्धा के अनुसार तुलसी की परिक्रमा करें।

पूजा के दौरान आप 'ॐ तुलस्यै नमः' मंत्र का जाप भी कर सकते हैं।

शाम को कैसे करें तुलसी दीपदान?

कार्तिक मास में सूर्यास्त के समय तुलसी के पास दीपक जलाने की विशेष परंपरा है। इसके लिए मिट्टी का साफ दीपक लें। उसमें गाय का घी या तिल का तेल डालकर रूई की बत्ती रखें।

दीपक जलाने से पहले उस पर रोली या चंदन का तिलक लगाएं और फूल-अक्षत अर्पित करें। इसके बाद तुलसी के पौधे के सामने दीपक रखकर भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी का स्मरण करें।

दीपक जलाते समय इस मंत्र का जाप कर सकते हैं:

दीपज्योतिः परंब्रह्म दीपज्योतिर्जनार्दनः।

दीपो हरतु मे पापं संध्यादीप नमोऽस्तु ते॥

इसके बाद तुलसी माता को प्रणाम करें और परिवार की खुशहाली की कामना करें।

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तुलसी पूजा करते समय इन 5 बातों का रखें ध्यान

  1. तुलसी के पौधे के आसपास साफ-सफाई बनाए रखें।

  2. शाम के समय तुलसी के पत्ते तोड़ने से बचें।

  3. रविवार और एकादशी जैसे कुछ विशेष दिनों में तुलसी दल तोड़ने से परहेज करने की परंपरा है।

  4. तुलसी के पास दीपक जलाते समय आग से सुरक्षा का ध्यान रखें।

  5. तुलसी के पौधे में जरूरत से ज्यादा पानी न डालें, ताकि उसकी जड़ें खराब न हों।

    तुलसी दीपदान से क्या मिलता है?

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, कार्तिक मास में तुलसी के पास नियमित दीपदान करने से मां लक्ष्मी और भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त होती है। इससे घर में सुख-शांति, धन-धान्य और खुशहाली बनी रहने की कामना की जाती है। इस महीने में पूजा के साथ जरूरतमंदों को अन्न और वस्त्र का दान करना भी शुभ माना गया है।

ध्यान रखें कि ये सभी बातें धार्मिक परंपराओं और मान्यताओं पर आधारित हैं। पूजा में सबसे महत्वपूर्ण श्रद्धा, स्वच्छता और सेवा का भाव माना जाता है।