×

Surya Grahan 2026: इन 5 राशियों पर भारी पड़ेगा साल का आखिरी सूर्यग्रहण, टूटेगा मुसीबतों का पहाड़ 

 

सूर्य ग्रहण एक बहुत ही महत्वपूर्ण और रोमांचक खगोलीय घटना है। जब चंद्रमा अंतरिक्ष में घूमते हुए सूर्य और पृथ्वी के बीच आ जाता है तो यह सूर्य की रोशनी को पृथ्वी तक पहुंचने से रोक देता है। इस स्थिति में चंद्रमा की छाया पृथ्वी पर पड़ती है और दिन में अंधेरा छा जाता है। इस घटना को सूर्य ग्रहण कहा जाता है। साल का दूसरा और आखिरी सूर्य ग्रहण बुधवार, 12 अगस्त 2026 को लगेगा।

संयोग से यह सूर्य ग्रहण सावन माह में लगेगा. यह सूर्य ग्रहण कर्क राशि में लगेगा. खगोलीय दृष्टि से यह वलयाकार सूर्य ग्रहण होगा, जो आकाश में आग के छल्ले के रूप में दिखाई देगा। हालाँकि, यह भारत में दिखाई नहीं देगा, जिसके कारण इसका सूतक काल भी मान्य नहीं होगा। आइए जानते हैं साल का दूसरा और आखिरी सूर्य ग्रहण किस राशि के लिए अशुभ रहेगा।

मेष

दिन में अंधेरा, चारों ओर ऐसा नजारा! 2027 का सूर्य ग्रहण क्यों खास है?
वित्तीय नुकसान और खर्चों में अचानक वृद्धि होने की संभावना है। अपनी वाणी पर नियंत्रण रखना बहुत जरूरी होगा, अन्यथा करीबी रिश्तों में खटास आ सकती है। निवेश करने से बचें.

कर्क

कर्क राशि के जातकों को सावधान रहने की जरूरत है क्योंकि इसी राशि में ग्रहण है। मानसिक तनाव, स्वास्थ्य में गिरावट और निर्णय लेने में भ्रम हो सकता है। दुर्घटनाओं से बचें और वाद-विवाद से बचें।


तुला

संतान संबंधी चिंता बढ़ सकती है। प्रेम संबंधों और विद्यार्थियों की पढ़ाई में रुकावटें आ सकती हैं। बजट गड़बड़ा सकता है, इसलिए पैसों के लेन-देन में सावधानी बरतें।

मकर

साझेदारी के काम और वैवाहिक जीवन में आपको तनाव का सामना करना पड़ सकता है। कार्यस्थल पर सहकर्मियों या वरिष्ठों से मतभेद होने की संभावना रहेगी.

इन राशियों के लिए यह शुभ रहेगा

साल का आखिरी सूर्य ग्रहण मिथुन, कन्या और मीन राशि के लिए शुभ रहेगा। इस राशि के जातकों को करियर में बेहतरीन सुनहरे अवसर, व्यापार में वांछित वृद्धि, लंबे समय से रुका हुआ पैसा वापस मिलेगा और कार्यस्थल पर उच्च पद, प्रतिष्ठा और सम्मान मिलने की प्रबल संभावना है।

सूर्य ग्रहण कब लगेगा?

भारतीय समय के मुताबिक साल का दूसरा और आखिरी सूर्य ग्रहण 12 अगस्त 2026 को रात 09:05 बजे शुरू होगा और 13 अगस्त 2026 को सुबह 04:25 बजे तक रहेगा.

यह कहां दिखाई देगा?

ग्रहण मुख्य रूप से यूरोप, उत्तरी अमेरिका और उत्तरी गोलार्ध क्षेत्रों में दिखाई देगा।