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Guru Purnima 2026: गुरु पूर्णिमा पर इन 5 गुरुओं का करें पूजन, जीवन में आएगी सुख-समृद्धि, जानें पूजा विधि और महत्व

 

सनातन धर्म में गुरु पूर्णिमा ज्ञान, संस्कार और आध्यात्मिक चेतना का महापर्व माना जाता है। वर्ष 2026 में गुरु पूर्णिमा 29 जुलाई को मनाई जाएगी। यह दिन महर्षि वेदव्यास की जयंती के रूप में भी प्रसिद्ध है, इसलिए इसे व्यास पूर्णिमा भी कहा जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन गुरुजनों का सम्मान, पूजा और उनके प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने से जीवन में ज्ञान, सफलता, सुख-समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा का आशीर्वाद प्राप्त होता है।

गुरु पूर्णिमा पर इन 5 गुरुओं का करें सम्मान

1. माता – जीवन की पहली गुरु

शास्त्रों में माता को संतान की प्रथम गुरु माना गया है। जीवन के शुरुआती संस्कार, प्रेम, करुणा और नैतिक मूल्यों की शिक्षा मां से ही मिलती है। गुरु पूर्णिमा के दिन माता का सम्मान करें, चरण स्पर्श कर उनका आशीर्वाद लें और उनके प्रति आभार व्यक्त करें।

2. पिता – जीवन के मार्गदर्शक

पिता को परिवार का आधार और जीवन का मार्गदर्शक माना गया है। वे परिश्रम, अनुशासन, जिम्मेदारी और आत्मनिर्भरता की सीख देते हैं। इस दिन पिता का सम्मान करना और उनका आशीर्वाद प्राप्त करना शुभ माना जाता है।

3. शिक्षक – ज्ञान के प्रकाशदाता

विद्यालय, महाविद्यालय या किसी भी क्षेत्र में शिक्षा देने वाले शिक्षक व्यक्ति के व्यक्तित्व निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। गुरु पूर्णिमा पर अपने शिक्षकों को धन्यवाद दें, उनका सम्मान करें और उनके मार्गदर्शन के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करें।

4. आध्यात्मिक गुरु

आध्यात्मिक गुरु व्यक्ति को धर्म, साधना, आत्मज्ञान और जीवन के गूढ़ रहस्यों की समझ प्रदान करते हैं। यदि आपके जीवन में कोई आध्यात्मिक गुरु हैं, तो इस दिन उनका पूजन करें, उनका आशीर्वाद लें और उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लें।

5. जगतगुरु महर्षि वेदव्यास

गुरु पूर्णिमा का पर्व महर्षि वेदव्यास को समर्पित है। उन्होंने वेदों का विभाजन किया और महाभारत, ब्रह्मसूत्र तथा अनेक पुराणों के संकलन में महत्वपूर्ण योगदान दिया। इसलिए इस दिन उनका स्मरण और पूजन विशेष फलदायी माना जाता है।

गुरु पूर्णिमा 2026 की पूजा विधि

  • प्रातःकाल स्नान कर स्वच्छ या पीले रंग के वस्त्र धारण करें।
  • पूजा स्थल को साफ कर दीपक और धूप जलाएं।
  • भगवान विष्णु, महर्षि वेदव्यास और अपने गुरु का ध्यान करें।
  • गुरु या उनके चित्र पर चंदन, अक्षत, पुष्प और फल अर्पित करें।
  • गुरु मंत्र, विष्णु सहस्रनाम, भगवद्गीता या अन्य धार्मिक ग्रंथों का पाठ करें।
  • माता-पिता, गुरु और शिक्षकों का चरण स्पर्श कर आशीर्वाद लें।
  • सामर्थ्य के अनुसार अन्न, वस्त्र, पुस्तकें या दक्षिणा का दान करें।

गुरु पूर्णिमा का धार्मिक महत्व

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार गुरु ही व्यक्ति को अज्ञान के अंधकार से निकालकर ज्ञान के प्रकाश की ओर ले जाते हैं। इसलिए गुरु पूर्णिमा केवल एक पर्व नहीं, बल्कि गुरु के प्रति श्रद्धा, सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त करने का अवसर भी है। इस दिन गुरु की सेवा, पूजा और आशीर्वाद लेने से ज्ञान, विवेक, सफलता और मानसिक शांति की प्राप्ति होने की मान्यता है।