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Gemstone: सफेद पुखराज के साथ खतरनाक है इन 3 रत्नों का कॉम्बिनेशन, होते हैं नुकसान

 

रत्न शास्त्र में अलग-अलग रत्नों का संबंध किसी न किसी ग्रह से बताया गया है। इन्हें धारण करने से पहले कुंडली में ग्रहों की स्थिति और आपसी संबंधों का अध्ययन करने की सलाह दी जाती है। सफेद पुखराज को ज्योतिषीय मान्यताओं में शुक्र ग्रह से संबंधित रत्न माना जाता है। ऐसे में कुछ रत्नों के साथ इसका संयोजन करने से बचने की सलाह दी जाती है।

सफेद पुखराज किस ग्रह का रत्न है?

सफेद पुखराज को पारंपरिक ज्योतिष में शुक्र ग्रह से जोड़ा जाता है। शुक्र को सुख-सुविधा, वैभव, सौंदर्य, प्रेम, कला और भौतिक सुखों का कारक माना जाता है। मान्यता है कि कुंडली में शुक्र की स्थिति अनुकूल होने पर उससे संबंधित रत्न धारण किया जा सकता है।

हालांकि हर व्यक्ति के लिए सफेद पुखराज शुभ हो, यह जरूरी नहीं है। इसे पहनने से पहले कुंडली का विश्लेषण कराने की सलाह दी जाती है।

1. माणिक्य के साथ सफेद पुखराज

माणिक्य को सूर्य का रत्न माना जाता है। ज्योतिषीय मान्यताओं में सूर्य और शुक्र के बीच संबंध को अनुकूल नहीं माना जाता। इसलिए सफेद पुखराज और माणिक्य को एक साथ पहनने से बचने की सलाह दी जाती है। मान्यता के अनुसार इससे दोनों ग्रहों के प्रभावों में टकराव हो सकता है।

2. मोती के साथ न पहनें

मोती का संबंध चंद्रमा से माना जाता है। ज्योतिष में शुक्र और चंद्रमा के ग्रह संबंधों को देखते हुए सफेद पुखराज के साथ मोती पहनना उचित नहीं माना जाता। इसलिए दोनों रत्नों को एक साथ धारण करने से पहले किसी विशेषज्ञ से कुंडली का विश्लेषण करवाना बेहतर है।

3. मूंगा के साथ भी सावधानी

लाल मूंगा मंगल ग्रह का रत्न माना जाता है। पारंपरिक ज्योतिष में शुक्र और मंगल के प्रभावों को अलग प्रकृति का माना जाता है। इसलिए सफेद पुखराज और मूंगा को एक साथ पहनने से बचने की सलाह दी जाती है।

रत्न पहनने से पहले कुंडली जरूर दिखाएं

रत्न शास्त्र में किसी भी रत्न को केवल उसकी खूबसूरती या नाम देखकर धारण करने की सलाह नहीं दी जाती। कुंडली में लग्न, ग्रहों की स्थिति, उनकी दशा और आपसी संबंधों को देखकर ही रत्न चुनने की परंपरा है।