गणेश विसर्जन 2026: आज बप्पा की विदाई के ये हैं सुबह से रात तक के मुहूर्त, जानें कब करें गणेश विसर्जन
गणेश चतुर्थी से शुरू हुआ 10 दिवसीय गणेशोत्सव आज अनंत चतुर्दशी के साथ संपन्न हो रहा है। 25 सितंबर 2026, शुक्रवार को देशभर में श्रद्धालु गणपति बप्पा की पूजा-अर्चना के बाद उन्हें विधि-विधान से विदाई देंगे। इस दौरान भक्त ढोल-नगाड़ों और ‘गणपति बप्पा मोरया, अगले बरस तू जल्दी आ’ के जयकारों के साथ गणेश प्रतिमा का विसर्जन करते हैं। पंचांग के अनुसार आज गणेश विसर्जन के लिए सुबह से रात तक कई शुभ मुहूर्त उपलब्ध हैं।
आज कब-कब कर सकते हैं गणेश विसर्जन?
दिल्ली-एनसीआर के लिए बताए गए प्रमुख विसर्जन मुहूर्त इस प्रकार हैं:
सुबह का मुहूर्त: सुबह 6:11 बजे से 10:42 बजे तक
दोपहर का शुभ मुहूर्त: दोपहर 12:13 बजे से 1:43 बजे तक
शाम का मुहूर्त: शाम 4:44 बजे से 6:14 बजे तक
रात्रि का मुहूर्त: रात 9:14 बजे से 10:43 बजे तक
इसके अलावा देर रात 12:13 बजे से 26 सितंबर की सुबह 4:42 बजे तक भी शुभ समय बताया गया है। स्थानीय पंचांग के अनुसार इन समयों में कुछ मिनट का अंतर हो सकता है।
25 सितंबर को ही क्यों हो रहा है विसर्जन?
पंचांग के अनुसार भाद्रपद शुक्ल चतुर्दशी तिथि 24 सितंबर की रात 11:18 बजे शुरू हुई और 25 सितंबर की रात 11:06 बजे समाप्त होगी। उदया तिथि के आधार पर अनंत चतुर्दशी 25 सितंबर को मनाई जा रही है। इसी दिन 10 दिवसीय गणेशोत्सव का समापन भी होता है, इसलिए बड़ी संख्या में गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन किया जाता है।
हालांकि, कई घरों में पारिवारिक परंपरा के अनुसार डेढ़, तीन, पांच या सात दिन बाद भी गणपति विसर्जन किया जाता है। इसलिए विसर्जन की तारीख परिवार की परंपरा के अनुसार अलग हो सकती है।
विसर्जन से पहले ऐसे करें बप्पा की पूजा
गणेश जी को विदाई देने से पहले उनकी अंतिम पूजा करने की परंपरा है। सबसे पहले पूजा स्थल की साफ-सफाई करें। गणपति को फूल, दूर्वा, मोदक, फल और नैवेद्य अर्पित करें। इसके बाद धूप-दीप जलाकर आरती करें और परिवार की सुख-शांति एवं समृद्धि की कामना करें।
पूजा पूरी होने के बाद गणेश प्रतिमा को श्रद्धापूर्वक विसर्जन स्थल तक ले जाया जाता है। पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए घर पर या प्रशासन द्वारा बनाए गए कृत्रिम विसर्जन कुंड में विसर्जन करना भी एक विकल्प है।
भद्रा और पंचक का भी रखें ध्यान
25 सितंबर को पंचक का प्रभाव रहने और रात 11:06 बजे के बाद पूर्णिमा तिथि शुरू होने की जानकारी पंचांगों में दी गई है। वहीं भद्रा का समय रात 11:06 बजे के बाद शुरू होने की अलग-अलग पंचांग गणनाएं बताती हैं। इसलिए देर रात विसर्जन करने वालों को स्थानीय पंचांग के अनुसार समय देखना चाहिए।
गणेश विसर्जन श्रद्धा और आस्था से जुड़ी परंपरा है। अलग-अलग शहरों में सूर्योदय और स्थानीय पंचांग के कारण मुहूर्त बदल सकते हैं, इसलिए अपने शहर के पंचांग के अनुसार समय की पुष्टि करना बेहतर रहेगा।