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Ganesh Puja Rules: भगवान गणेश को भूलकर भी न चढ़ाएं ये 5 चीजें, माना जाता है पूजा का पूरा फल नहीं मिलता

 

सनातन धर्म में भगवान गणेश को प्रथम पूज्य और विघ्नहर्ता कहा जाता है। किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत से पहले गणपति बप्पा की पूजा करने की परंपरा है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, भगवान गणेश की पूजा में श्रद्धा के साथ-साथ पूजा सामग्री की शुद्धता का भी विशेष महत्व होता है। मान्यता है कि कुछ वस्तुएं ऐसी हैं जिन्हें गणेश जी को अर्पित नहीं करना चाहिए। ऐसा करने से पूजा का पूर्ण फल प्राप्त नहीं होता और जीवन में बाधाएं बनी रह सकती हैं।

1. तुलसी के पत्ते

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, भगवान गणेश की पूजा में तुलसी के पत्ते अर्पित नहीं किए जाते। पौराणिक कथाओं के अनुसार, इसके पीछे एक विशेष कारण बताया गया है। इसलिए गणेश पूजा में तुलसी चढ़ाने से परहेज करने की परंपरा है।

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2. केतकी का फूल

केतकी के फूल को भगवान गणेश की पूजा में वर्जित माना जाता है। पूजा में हमेशा ऐसे पुष्प अर्पित करने चाहिए जो गणेश जी को प्रिय माने जाते हैं, जैसे लाल गुड़हल, गेंदा या अन्य ताजे फूल।

3. बासी या मुरझाए हुए फूल

भगवान गणेश को कभी भी सूखे, मुरझाए या बासी फूल नहीं चढ़ाने चाहिए। धार्मिक मान्यता है कि पूजा में हमेशा ताजे और सुगंधित फूलों का ही प्रयोग करना चाहिए।

4. खंडित या अशुद्ध सामग्री

टूटी हुई सुपारी, खराब फल, गंदे वस्त्र या अशुद्ध पूजा सामग्री भगवान गणेश को अर्पित नहीं करनी चाहिए। पूजा में स्वच्छता और पवित्रता का विशेष ध्यान रखना आवश्यक माना गया है।

5. बासी या दूषित भोग

भगवान गणेश को हमेशा ताजा और सात्विक भोग ही अर्पित करें। बासी, खराब या दूषित भोजन चढ़ाना धार्मिक दृष्टि से उचित नहीं माना जाता। गणेश जी को विशेष रूप से मोदक, लड्डू, गुड़ और ताजे फलों का भोग प्रिय माना जाता है।

गणेश पूजा में क्या चढ़ाएं?

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, भगवान गणेश को दूर्वा, लाल गुड़हल, गेंदे के फूल, मोदक, बेसन के लड्डू, नारियल और ताजे फल अर्पित करना शुभ माना जाता है। विधि-विधान और सच्ची श्रद्धा से की गई पूजा से भगवान गणेश की कृपा प्राप्त होने की मान्यता है।