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Ganesh Chaturthi 2026: स्थापना मुहूर्त से पहले न करें ये काम, खास वीडियो में जानें दीपक, भोग और गणेश प्रतिमा से जुड़े जरूरी नियम

 

गणेश चतुर्थी के दिन भगवान गणेश की पूजा और स्थापना को लेकर भक्तों में खास उत्साह रहता है। इस दिन चतुर्थी तिथि सुबह से शुरू हो जाती है, जबकि घर में गणपति बप्पा की स्थापना के लिए शुभ मुहूर्त दोपहर में बताया जाता है। ऐसे में कई लोगों के मन में सवाल रहता है कि स्थापना के मुहूर्त से पहले घर में गणेश जी की प्रतिमा को कहां रखें, दीपक जलाएं या नहीं, भोग कब लगाएं और आरती किस समय करें। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, स्थापना से पहले कुछ तैयारियां पूरी कर लेनी चाहिए ताकि शुभ मुहूर्त में विधि-विधान से पूजा की जा सके।

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सबसे पहले पूजा स्थान की करें तैयारी

गणेश जी को घर लाने से पहले पूजा स्थल की अच्छी तरह सफाई करें। चौकी को साफ करके उस पर लाल या पीले रंग का कपड़ा बिछाया जा सकता है। इसके बाद पूजा की सभी सामग्री जैसे अक्षत, रोली, चंदन, फूल, दूर्वा, दीपक, धूप, मोदक और फल आदि तैयार रखें। इससे स्थापना के समय पूजा में किसी तरह की परेशानी नहीं होगी।

स्थापना से पहले मूर्ति को कैसे रखें?

अगर गणपति की प्रतिमा घर में पहले ही आ गई है और स्थापना का मुहूर्त बाद में है, तो उसे साफ और पवित्र स्थान पर रखें। प्रतिमा को जमीन पर सीधे रखने के बजाय किसी साफ चौकी या आसन पर रखा जा सकता है। स्थापना से पहले प्रतिमा का पूरा प्राण-प्रतिष्ठा पूजन न करें। शुभ मुहूर्त में ही विधि-विधान के साथ गणपति की स्थापना करना उचित माना जाता है।

दीपक कब जलाएं?

पूजा स्थल पर दीपक जलाना शुभ माना जाता है। स्थापना की तैयारी के दौरान भी घर के पूजा स्थान पर दीपक जलाया जा सकता है। हालांकि दीपक को सुरक्षित स्थान पर रखें और उसके आसपास ज्वलनशील वस्तुएं न हों। स्थापना के समय भगवान गणेश के सामने दीपक प्रज्वलित करके पूजा आरंभ की जा सकती है।

भोग और प्रसाद को लेकर क्या करें?

गणेश जी को मोदक बेहद प्रिय माना जाता है। इसके अलावा फल, मिठाई और अन्य सात्विक प्रसाद अर्पित करने की परंपरा है। स्थापना से पहले भोग की सामग्री तैयार करके रख सकते हैं, लेकिन भगवान गणेश को औपचारिक रूप से भोग स्थापना और पूजा के बाद ही अर्पित करना बेहतर माना जाता है। भोग में स्वच्छता का विशेष ध्यान रखें।

आरती कब करें?

गणपति बप्पा की पहली आरती स्थापना और पूजा के बाद करना शुभ माना जाता है। स्थापना से पहले केवल दीपक की व्यवस्था और पूजा स्थल की तैयारी की जा सकती है। स्थापना के बाद गणेश जी को पुष्प, दूर्वा और भोग अर्पित करके आरती करें।

दूर्वा और फूल पहले से रखें तैयार

गणेश पूजा में दूर्वा का विशेष महत्व माना जाता है। इसलिए पूजा शुरू होने से पहले दूर्वा, लाल फूल और अन्य आवश्यक सामग्री तैयार रखें। धार्मिक मान्यता के अनुसार गणेश जी को दूर्वा अर्पित करने से भक्त की मनोकामनाएं पूर्ण होने और विघ्न दूर होने की कामना की जाती है।

श्रद्धा और स्वच्छता का रखें ध्यान

गणेश चतुर्थी पर सबसे महत्वपूर्ण बात श्रद्धा, स्वच्छता और पूजा की भावना मानी जाती है। स्थापना के लिए स्थानीय पंचांग में दिए गए शुभ मुहूर्त को प्राथमिकता दें, क्योंकि शहर और पंचांग परंपरा के अनुसार समय में अंतर हो सकता है।