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17 अक्टूबर से 5 राशियों की बढ़ेगी टेंशन, नीच राशि में सूर्य लेंगे एंट्री, राहत देंगे ये उपाय
 

 

ज्योतिष शास्त्र में सूर्य को आत्मविश्वास, पिता, मान-सम्मान, नेतृत्व क्षमता और सरकारी क्षेत्र का कारक ग्रह माना जाता है। सूर्य जब एक राशि से दूसरी राशि में प्रवेश करते हैं तो इसका प्रभाव सभी 12 राशियों पर अलग-अलग तरह से पड़ता है। ज्योतिषीय गणना के अनुसार 17 अक्टूबर 2026 को सूर्य तुला राशि में प्रवेश करेंगे। तुला सूर्य की नीच राशि मानी जाती है। ऐसे में इस गोचर का कुछ राशि के जातकों पर चुनौतीपूर्ण प्रभाव पड़ सकता है।

इस दौरान कुछ लोगों को कामकाज, धन, स्वास्थ्य, पारिवारिक संबंध और आत्मविश्वास से जुड़े मामलों में सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है। हालांकि सूर्य का प्रभाव व्यक्ति की जन्मकुंडली और ग्रहों की स्थिति के अनुसार अलग-अलग हो सकता है।

मेष राशि

सूर्य का गोचर मेष राशि वालों के लिए साझेदारी और रिश्तों से जुड़े मामलों में कुछ तनाव ला सकता है। पार्टनरशिप में काम करने वालों को निर्णय लेते समय जल्दबाजी से बचना चाहिए। दांपत्य जीवन में छोटी बातों को लेकर मतभेद हो सकते हैं। बातचीत के जरिए समस्याओं को सुलझाने की कोशिश करें।

कर्क राशि

कर्क राशि वालों के लिए यह समय कार्यक्षेत्र में अतिरिक्त मेहनत वाला हो सकता है। नौकरी में अधिकारियों से किसी बात पर मतभेद होने की आशंका रह सकती है। काम का दबाव बढ़ सकता है। अपनी बात शांत तरीके से रखने की कोशिश करें और अनावश्यक विवाद से बचें।

तुला राशि

सूर्य तुला राशि में ही प्रवेश करेंगे, इसलिए इस राशि के जातकों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है। आत्मविश्वास में उतार-चढ़ाव हो सकता है। वैवाहिक और साझेदारी से जुड़े मामलों में गलतफहमी पैदा होने की संभावना रह सकती है। बड़े फैसले सोच-समझकर लें।

मकर राशि

मकर राशि वालों के करियर पर सूर्य गोचर का असर पड़ सकता है। कार्यस्थल पर जिम्मेदारियां बढ़ सकती हैं और अधिकारियों की अपेक्षाएं भी अधिक रहेंगी। नौकरी बदलने या बड़ा निवेश करने जैसे फैसले जल्दबाजी में न लें। मेहनत और अनुशासन से स्थिति संभाली जा सकती है।

कुंभ राशि

कुंभ राशि वालों के लिए सूर्य का यह गोचर भाग्य और उच्च शिक्षा से जुड़े मामलों में कुछ उतार-चढ़ाव ला सकता है। किसी यात्रा की योजना बन सकती है, लेकिन खर्च का ध्यान रखना होगा। पिता या किसी वरिष्ठ व्यक्ति से विचारों का मतभेद हो सकता है। उनका सम्मान बनाए रखना बेहतर रहेगा।

सूर्य की स्थिति मजबूत करने के लिए क्या करें?

ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार सूर्य को मजबूत करने के लिए कुछ सरल उपाय किए जा सकते हैं।

रोज सुबह सूर्य को अर्घ्य दें

सुबह सूर्योदय के समय तांबे के पात्र से सूर्य देव को जल अर्पित करना शुभ माना जाता है। इस दौरान सूर्य देव का ध्यान करके अपनी मनोकामना कह सकते हैं।

आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ

सूर्य देव की कृपा पाने के लिए आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करने की धार्मिक मान्यता है। नियमित रूप से सूर्य मंत्र का जाप भी किया जा सकता है।

पिता और वरिष्ठों का सम्मान करें

ज्योतिष में सूर्य का संबंध पिता, अधिकारी और सम्मान से माना जाता है। इसलिए पिता तथा अपने से बड़े और वरिष्ठ लोगों का सम्मान करना शुभ माना जाता है।

रविवार को दान करें

रविवार के दिन जरूरतमंद व्यक्ति को गेहूं, गुड़ या तांबे से जुड़ी वस्तु का दान करने की परंपरा है। अपनी क्षमता के अनुसार दान करना बेहतर माना जाता है।

क्या हर व्यक्ति पर नकारात्मक असर होगा?

ऐसा जरूरी नहीं है। सूर्य का तुला राशि में गोचर कुछ लोगों के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकता है, लेकिन अन्य लोगों को करियर, संबंधों या आर्थिक मामलों में सकारात्मक परिणाम भी मिल सकते हैं। किसी व्यक्ति पर सूर्य के वास्तविक प्रभाव का आकलन उसकी जन्मकुंडली, लग्न, चंद्र राशि और दशा-अंतर्दशा के आधार पर किया जाता है।