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Ekadashi Special: एकादशी पर बन जाए श्रीहरि और शंकरजी की पूजा का संयोग तो ऐसे करें आराधना, मिलेगा विशेष फल

 

हिंदू धर्म में एकादशी तिथि का विशेष महत्व माना गया है। यह दिन भगवान विष्णु यानी श्रीहरि को समर्पित होता है। मान्यता है कि एकादशी के दिन व्रत और पूजा करने से भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त होती है और जीवन में सुख-समृद्धि आती है। वहीं, यदि किसी एकादशी के दिन भगवान विष्णु के साथ भगवान शिव की पूजा का विशेष संयोग बन जाए तो इसे बेहद शुभ माना जाता है।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, भगवान शिव और भगवान विष्णु एक-दूसरे के आराध्य माने जाते हैं। ऐसे में एक ही दिन दोनों देवताओं की पूजा करने से विशेष आध्यात्मिक लाभ मिलने की मान्यता है।

एकादशी पर श्रीहरि पूजा का महत्व

एकादशी तिथि को भगवान विष्णु की प्रिय तिथि माना जाता है। इस दिन श्रद्धालु व्रत रखते हैं और भगवान विष्णु की विधि-विधान से पूजा करते हैं।

पूजा में भगवान विष्णु को पीले फूल, पीले वस्त्र, फल और तुलसी दल अर्पित करने की परंपरा है। मान्यता है कि तुलसी अर्पित करने से भगवान विष्णु प्रसन्न होते हैं।

इस दिन विष्णु मंत्रों का जाप, विष्णु सहस्रनाम का पाठ और भगवान की आरती करना शुभ माना जाता है।

शिव और विष्णु की एक साथ पूजा क्यों खास?

धार्मिक ग्रंथों में भगवान शिव और भगवान विष्णु के बीच गहरे संबंध का वर्णन मिलता है। मान्यता है कि जो भक्त श्रद्धा से दोनों देवताओं की पूजा करता है, उसे भगवान की विशेष कृपा प्राप्त होती है।

यदि एकादशी के दिन शिव पूजा का संयोग बन जाए तो भक्त भगवान शिव का अभिषेक करते हैं और शिव मंत्रों का जाप करते हैं। इससे मन को शांति और सकारात्मक ऊर्जा मिलने की मान्यता है।

एकादशी पर ऐसे करें शिवजी की पूजा

अगर एकादशी के दिन भगवान शिव की पूजा करनी हो तो सुबह स्नान के बाद शिवलिंग का जलाभिषेक करें। इसके बाद शिवलिंग पर दूध, बेलपत्र, फूल और अक्षत अर्पित करें।

भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए:

  • "ॐ नमः शिवाय" मंत्र का जाप करें।
  • शिव चालीसा या महामृत्युंजय मंत्र का पाठ करें।
  • भगवान शिव को फल और मिठाई का भोग लगाएं।

भगवान विष्णु की पूजा विधि

भगवान विष्णु की पूजा के लिए पूजा स्थान को साफ करके श्रीहरि की प्रतिमा स्थापित करें। इसके बाद उन्हें पीले फूल, तुलसी और पंचामृत अर्पित करें।

पूजा के दौरान:

  • विष्णु मंत्रों का जाप करें।
  • भगवान विष्णु की आरती करें।
  • जरूरतमंदों को दान करें।

क्या करें दान?

एकादशी के दिन दान-पुण्य का भी विशेष महत्व बताया गया है। इस दिन अन्न, वस्त्र, फल और जरूरत की चीजों का दान करना शुभ माना जाता है।

धार्मिक मान्यता के अनुसार, श्रद्धा से किया गया दान जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकता है।

शिव-विष्णु पूजा से मिलती है शांति

मान्यता है कि एकादशी के दिन भगवान विष्णु और शिवजी की पूजा करने से परिवार में सुख-शांति बनी रहती है। साथ ही मनोकामनाओं की पूर्ति और जीवन की परेशानियों से मुक्ति की कामना की जाती है।

हालांकि, पूजा और व्रत के नियम अलग-अलग क्षेत्रों और परंपराओं के अनुसार बदल सकते हैं। भक्त अपनी श्रद्धा और मान्यताओं के अनुसार भगवान की आराधना कर सकते हैं।