नवरात्रि के तुरंत बाद एकादशी, 9 दिन उपवास रखने वालों को क्या फिर रखना चाहिए व्रत? जानें नियम और सही तरीका
शारदीय नवरात्रि में नौ दिनों तक मां दुर्गा की पूजा और उपवास करने के बाद अब पापांकुशा एकादशी का व्रत आने वाला है। इस बार एकादशी का व्रत 22 अक्टूबर 2026, गुरुवार को रखा जाएगा। ऐसे में जिन भक्तों ने पूरे नौ दिन उपवास किया है, उनके मन में सवाल है कि क्या उन्हें फिर से एकादशी का व्रत रखना चाहिए या नहीं। धार्मिक परंपराओं के अनुसार, नवरात्रि और एकादशी के व्रत के संकल्प अलग-अलग हैं। इसलिए दोनों व्रत रखे जा सकते हैं, लेकिन अपनी सेहत और शारीरिक क्षमता का ध्यान रखना भी जरूरी है।
क्या नौ दिन व्रत रखने के बाद एकादशी का उपवास जरूरी है?
अगर आप हर महीने नियमित रूप से एकादशी का व्रत रखते हैं, तो अपनी परंपरा के अनुसार पापांकुशा एकादशी का व्रत जारी रख सकते हैं। वहीं, जिन लोगों ने केवल नवरात्रि का व्रत रखा था और नियमित एकादशी नहीं करते, उनके लिए एकादशी का व्रत रखना अनिवार्य नहीं है। वे भगवान विष्णु की पूजा, मंत्र जाप और दान-पुण्य करके भी इस दिन को श्रद्धापूर्वक मना सकते हैं।
एकादशी व्रत रखने का सही तरीका
अगर आप नौ दिन के नवरात्रि व्रत के बाद भी एकादशी का उपवास रखना चाहते हैं, तो इन बातों का ध्यान रखें।
-
दशमी को संतुलित भोजन करें: व्रत से एक दिन पहले हल्का और सात्विक भोजन लें। बहुत ज्यादा तला-भुना या भारी भोजन करने से बचें।
-
अपनी क्षमता के अनुसार व्रत रखें: निर्जला व्रत रखना जरूरी नहीं है। फलाहार या दूध और अन्य अनुमत सात्विक खाद्य पदार्थों के साथ भी उपवास कर सकते हैं।
-
भगवान विष्णु की पूजा करें: सुबह स्नान के बाद पूजा करें, मंत्र जाप करें और अपनी परंपरा के अनुसार व्रत की कथा सुनें।
-
अन्न से परहेज करें: पारंपरिक एकादशी व्रत में अनाज और चावल का सेवन नहीं किया जाता। फलाहार के नियम अपनी धार्मिक परंपरा के अनुसार अपनाएं।
-
द्वादशी पर पारण करें: 23 अक्टूबर को निर्धारित पारण समय में व्रत खोलें।
कमजोरी महसूस हो तो क्या करें?
लगातार नौ दिनों तक सीमित भोजन करने के बाद शरीर में कमजोरी या पानी की कमी हो सकती है। अगर चक्कर आ रहे हों, बहुत थकान हो या स्वास्थ्य ठीक न हो, तो कठोर या निर्जला उपवास न करें। जरूरत के अनुसार पानी और भोजन लें। मधुमेह, गर्भावस्था या किसी अन्य स्वास्थ्य समस्या की स्थिति में उपवास करने से पहले डॉक्टर की सलाह लेना बेहतर है।
अगर आप एकादशी का पूरा व्रत नहीं रख पा रहे हैं, तो सात्विक भोजन करते हुए भगवान विष्णु का स्मरण कर सकते हैं। धार्मिक आस्था के साथ अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखना भी महत्वपूर्ण है।
पापांकुशा एकादशी 2026 की तारीख और पारण का समय
पंचांग के अनुसार, एकादशी तिथि 21 अक्टूबर को दोपहर 2:11 बजे शुरू होकर 22 अक्टूबर को दोपहर 2:47 बजे समाप्त होगी। उदया तिथि के आधार पर व्रत 22 अक्टूबर को रखा जाएगा।
-
व्रत की तारीख: 22 अक्टूबर 2026, गुरुवार
-
पारण की तारीख: 23 अक्टूबर 2026, शुक्रवार
-
पारण का समय: सुबह 6:27 से 8:42 बजे तक, प्रकाशित पंचांग के अनुसार।
पारण का समय शहर के अनुसार थोड़ा बदल सकता है, इसलिए अपने स्थानीय पंचांग में समय जरूर जांच लें।