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नवरात्रि में फूल चढ़ाते समय ना करें ये गलती, मां दुर्गा की पूजा में वर्जित हैं ये चीजें
 

 

नवरात्रि में मां दुर्गा की पूजा-अर्चना का विशेष महत्व है। इन नौ दिनों में भक्त माता रानी को प्रसन्न करने के लिए फूल, माला, लाल चुनरी, नारियल और मिठाई अर्पित करते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, पूजा में फूलों का विशेष स्थान होता है। फूल अर्पित करना श्रद्धा, भक्ति और समर्पण का प्रतीक माना जाता है। हालांकि, पूजा के दौरान फूलों का चयन करते समय कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिए।

मान्यता है कि मां दुर्गा को ताजे और सुगंधित फूल अर्पित करना शुभ होता है। वहीं, मुरझाए, गंदे या जमीन पर गिरे फूल पूजा में इस्तेमाल करने से बचना चाहिए। आइए जानते हैं कि नवरात्रि में फूल चढ़ाते समय किन गलतियों से बचना चाहिए और मां दुर्गा की पूजा में किन चीजों को वर्जित माना जाता है।

मां दुर्गा को कौन-से फूल नहीं चढ़ाने चाहिए?

लाइव हिन्दुस्तान की रिपोर्ट के अनुसार, कुछ धार्मिक परंपराओं में मां दुर्गा की पूजा के दौरान इन फूलों और पत्तियों को अर्पित करने से बचने की सलाह दी जाती है।

1. तुलसी के पत्ते: तुलसी भगवान विष्णु की पूजा में विशेष महत्व रखती है। मां दुर्गा की पूजा में तुलसी दल चढ़ाने से बचने की परंपरा कई जगह प्रचलित है।

2. आक और धतूरे के फूल: इनका संबंध मुख्य रूप से भगवान शिव की पूजा से माना जाता है। इसलिए देवी दुर्गा को ये फूल अर्पित करने से परहेज किया जाता है।

3. कनेर और केतकी के फूल: कुछ धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, देवी की पूजा में इन फूलों का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। पूजा के लिए अपनी परंपरा के अनुरूप फूल चुनें।

4. मुरझाए और जमीन पर गिरे फूल: पूजा में ताजे, साफ और सुगंधित फूलों का उपयोग करना उचित माना जाता है। सूखे, खराब या गंदगी लगे फूल अर्पित करने से बचें।

मां दुर्गा को कौन-से फूल चढ़ाना शुभ माना जाता है?

लाल गुड़हल

मां दुर्गा की पूजा में लाल गुड़हल विशेष रूप से प्रिय माना जाता है। भक्त इसे श्रद्धापूर्वक देवी के चरणों में अर्पित करते हैं।

लाल गुलाब

लाल गुलाब प्रेम, श्रद्धा और समर्पण का प्रतीक माना जाता है। नवरात्रि में इसे फूलों की माला या पूजा की थाली में शामिल किया जा सकता है।

गेंदा

गेंदे के फूलों और मालाओं का उपयोग नवरात्रि में पूजा स्थल सजाने तथा देवी को अर्पित करने के लिए व्यापक रूप से किया जाता है।

नवरात्रि की पूजा में इन बातों का भी रखें ध्यान

  • मां दुर्गा को ताजा और स्वच्छ भोग अर्पित करें।

  • पूजा स्थल की साफ-सफाई बनाए रखें।

  • कई परंपराओं में प्याज, लहसुन और तामसिक भोजन से परहेज किया जाता है।

  • पूजा के दौरान क्रोध, कटु वचन और अनावश्यक विवादों से बचने का प्रयास करें।

  • इस्तेमाल किए गए फूलों को सम्मानपूर्वक मिट्टी में डालें या अपनी स्थानीय परंपरा के अनुसार विसर्जित करें।