Diwali 2026 Date: इस साल एक ही दिन मनाई जाएगी दिवाली, जानें क्यों नहीं रहेगा तारीख को लेकर कोई भ्रम
हिंदू धर्म का सबसे बड़ा और प्रमुख पर्व दिवाली इस वर्ष एक ही दिन मनाया जाएगा। पिछले साल तिथि के दो दिनों तक प्रभावी रहने के कारण दिवाली की तारीख को लेकर भ्रम की स्थिति बनी थी और देश के अलग-अलग हिस्सों में त्योहार दो दिन मनाया गया था। लेकिन इस बार कार्तिक अमावस्या का मान केवल एक ही दिन होने से दिवाली की तिथि को लेकर किसी प्रकार का संशय नहीं रहेगा।
एक ही दिन रहेगी कार्तिक अमावस्या
ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार वर्ष 2026 में कार्तिक अमावस्या की तिथि एक ही दिन प्रभावी रहेगी। यही कारण है कि दीपावली का पर्व पूरे देश में एक ही दिन मनाए जाने की संभावना है। तिथि के स्पष्ट रहने से श्रद्धालुओं और पंचांगों के बीच मतभेद की स्थिति भी नहीं बनेगी।
पिछले साल क्यों दो दिन मनी थी दिवाली?
पिछले वर्ष कार्तिक अमावस्या तिथि का मान दो अलग-अलग दिनों तक रहा था। प्रदोष काल और अमावस्या तिथि के समय को लेकर विभिन्न पंचांगों और परंपराओं में अलग-अलग मत सामने आए थे। इसी वजह से कुछ स्थानों पर दिवाली एक दिन पहले और कुछ जगह अगले दिन मनाई गई थी।
दिवाली का धार्मिक महत्व
दिवाली को भगवान श्रीराम के 14 वर्ष के वनवास के बाद अयोध्या लौटने की खुशी में मनाया जाता है। यह पर्व अंधकार पर प्रकाश और बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक माना जाता है।
इस दिन श्रद्धालु:
- माता लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा करते हैं।
- घरों और प्रतिष्ठानों को दीपों से सजाते हैं।
- सुख, समृद्धि और धन-धान्य की कामना करते हैं।
- परिवार और मित्रों के साथ उत्सव मनाते हैं।
व्यापारियों के लिए भी विशेष दिन
दिवाली का दिन व्यापारिक समुदाय के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। कई व्यापारी इस दिन नए बही-खातों की शुरुआत करते हैं और विशेष लक्ष्मी पूजन का आयोजन करते हैं।
दिवाली पर शुभ मुहूर्त का रहेगा महत्व
हालांकि दिवाली एक ही दिन मनाई जाएगी, लेकिन लक्ष्मी-गणेश पूजन के लिए प्रदोष काल और निशीथ काल के शुभ मुहूर्त का विशेष महत्व रहेगा। श्रद्धालुओं को पूजन से पहले स्थानीय पंचांग या ज्योतिषाचार्य से शुभ समय की जानकारी अवश्य लेनी चाहिए।