Chandra Grahan 28 August 2026: चंद्र ग्रहण से इन 6 राशियों की बढ़ सकती हैं मुश्किलें, जानें सावधानी और उपाय
साल 2026 का दूसरा और अंतिम चंद्र ग्रहण 28 अगस्त को लगने वाला है। ज्योतिषीय दृष्टि से यह ग्रहण काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस दौरान चंद्रमा कुंभ राशि और शतभिषा नक्षत्र में रहेगा। शतभिषा नक्षत्र के स्वामी राहु हैं, इसलिए ज्योतिष में इसे चंद्रमा और राहु से जुड़ा ग्रहण योग माना जा रहा है। हालांकि, खगोलीय रूप से यह एक गहरा आंशिक चंद्र ग्रहण होगा और भारत से दिखाई नहीं देगा।
ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार ग्रहण के समय चंद्रमा की स्थिति मन, भावनाओं और मानसिक शांति से जुड़ी मानी जाती है। ऐसे में कुछ राशि वालों को इस अवधि में तनाव, निर्णय लेने में परेशानी, आर्थिक उलझन या कामकाज में बाधाओं का सामना करना पड़ सकता है। पंडित नरेंद्र उपाध्याय के अनुसार ग्रहण के समय चंद्रमा शनि की कुंभ राशि और राहु के शतभिषा नक्षत्र में रहेगा। उनके अनुसार कर्क, सिंह, वृश्चिक और मीन राशि वालों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।
कर्क राशि
कर्क राशि के जातकों के लिए ग्रहण का प्रभाव मानसिक और पारिवारिक मामलों पर पड़ सकता है। छोटी-छोटी बातों को लेकर तनाव बढ़ने की आशंका रहेगी। परिवार में किसी सदस्य से मतभेद हो सकते हैं। आर्थिक मामलों में भी जल्दबाजी में कोई फैसला लेने से बचें।
सिंह राशि
सिंह राशि वालों को कार्यक्षेत्र में अतिरिक्त सावधानी रखनी होगी। नौकरी में अधिकारियों के साथ तालमेल बनाकर चलना बेहतर रहेगा। कारोबार में बिना सोचे-समझे निवेश करने से बचें। स्वास्थ्य और मानसिक तनाव को नजरअंदाज न करें।
वृश्चिक राशि
वृश्चिक राशि वालों के लिए ग्रहण के दौरान आर्थिक और पारिवारिक मामलों में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। किसी को पैसा उधार देने से पहले अच्छी तरह विचार करें। यात्रा के दौरान भी सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है।
मीन राशि
मीन राशि वालों के खर्च अचानक बढ़ सकते हैं। नींद और मानसिक तनाव से जुड़ी परेशानियां महसूस हो सकती हैं। किसी पुराने मुद्दे को लेकर चिंता बढ़ सकती है। इस दौरान खुद को शांत रखने और अनावश्यक विवादों से दूर रहने की कोशिश करें।
मकर और कुंभ राशि भी रहें सतर्क
कुछ ज्योतिषीय विश्लेषणों में मकर और कुंभ राशि को भी चंद्र ग्रहण के दौरान सावधानी बरतने वाली राशियों में शामिल किया गया है। खासतौर पर कुंभ राशि के लिए यह ग्रहण महत्वपूर्ण है, क्योंकि ग्रहण के समय चंद्रमा इसी राशि में रहेगा। ऐसे में भावनात्मक उतार-चढ़ाव और कामकाज से जुड़े दबाव बढ़ने की संभावना बताई जा रही है।
चंद्र ग्रहण के समय क्या करें?
ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार ग्रहण के दौरान भगवान का ध्यान, मंत्र जाप और धार्मिक साधना करना शुभ माना जाता है। ग्रहण समाप्त होने के बाद स्नान करने और जरूरतमंदों को दान देने की परंपरा भी है। हालांकि, 28 अगस्त 2026 का यह चंद्र ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा, क्योंकि ग्रहण के दौरान भारत में दिन का समय होगा और चंद्रमा क्षितिज के नीचे रहेगा। इसलिए भारत में स्थानीय दृश्यता के आधार पर सूतक मान्य नहीं होने की बात कई ज्योतिषीय स्रोतों में कही गई है।
खगोलीय रूप से यह आंशिक चंद्र ग्रहण होगा, जिसमें चंद्रमा का करीब 96 प्रतिशत हिस्सा पृथ्वी की गहरी छाया से गुजरेगा। ग्रहण का अधिकतम चरण भारतीय समयानुसार करीब सुबह 9:43 बजे रहेगा।कुल मिलाकर, 28 अगस्त का चंद्र ग्रहण खगोल विज्ञान के साथ ज्योतिष की दृष्टि से भी चर्चा में है। कर्क, सिंह, वृश्चिक, मीन, मकर और कुंभ राशि वालों को इस अवधि में विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है। ग्रहण और राशियों पर इसके प्रभाव से जुड़ी बातें ज्योतिषीय मान्यताओं पर आधारित हैं, इन्हें वैज्ञानिक भविष्यवाणी नहीं माना जाना चाहिए।