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Aja Ekadashi Time 2026: अजा एकादशी पर करें ये 5 उपाय, धन संबंधी परेशानियां दूर होने की है मान्यता

 

हिंदू धर्म में एकादशी तिथि को भगवान विष्णु की पूजा के लिए विशेष माना जाता है। भाद्रपद कृष्ण पक्ष की एकादशी को अजा एकादशी कहा जाता है। इस साल अजा एकादशी का व्रत 7 सितंबर 2026 को रखा जाएगा। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन भगवान विष्णु की पूजा और कुछ विशेष उपाय करने से सुख, शांति और समृद्धि की प्राप्ति होती है।

अगर आप आर्थिक परेशानियों से जूझ रहे हैं या घर में धन का अभाव बना रहता है तो अजा एकादशी के दिन कुछ उपाय करने की मान्यता है। कहा जाता है कि इन उपायों से भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की कृपा प्राप्त हो सकती है।

1. भगवान विष्णु को चढ़ाएं तुलसी

अजा एकादशी के दिन भगवान विष्णु की पूजा करते समय उन्हें तुलसी दल जरूर अर्पित करें। धार्मिक मान्यता के अनुसार तुलसी भगवान विष्णु को प्रिय है। पूजा के दौरान श्रद्धापूर्वक विष्णु मंत्र का जाप भी करें।

2. मां लक्ष्मी को कमल का फूल अर्पित करें

धार्मिक मान्यता में कमल का फूल मां लक्ष्मी से जुड़ा माना जाता है। अजा एकादशी पर मां लक्ष्मी की पूजा करते हुए उन्हें कमल का फूल अर्पित करना शुभ माना जाता है। इससे घर में सुख-समृद्धि आने की मान्यता है।

3. पीली चीजों का दान करें

भगवान विष्णु को पीला रंग प्रिय माना जाता है। अजा एकादशी पर अपनी सामर्थ्य के अनुसार पीले वस्त्र, चने की दाल, हल्दी या पीले फल का दान करना शुभ माना जाता है। जरूरतमंद व्यक्ति को दान करने से पुण्य प्राप्त होने की मान्यता है।

4. शाम को घी का दीपक जलाएं

अजा एकादशी की शाम भगवान विष्णु के सामने घी का दीपक जलाकर पूजा करें। इसके बाद विष्णु मंत्र का जाप करें। मान्यता है कि ऐसा करने से घर का वातावरण सकारात्मक होता है और भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त होती है।

5. विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें

अजा एकादशी के दिन भगवान विष्णु का ध्यान करते हुए विष्णु सहस्रनाम का पाठ करना शुभ माना जाता है। अगर पूरा पाठ करना संभव न हो तो श्रद्धापूर्वक 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय' मंत्र का जाप भी किया जा सकता है।

धन संबंधी परेशानी के लिए क्या करें?

अगर आर्थिक संकट बना हुआ है तो अजा एकादशी के दिन भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की एक साथ पूजा करने की परंपरा है। पूजा के दौरान घर में सुख-समृद्धि और आर्थिक स्थिरता की प्रार्थना करें। साथ ही जरूरतमंद व्यक्ति की मदद या दान-पुण्य करना भी शुभ माना जाता है।