गरुड़ पुराण के अनुसार मृत परिजन की वस्तुओं का क्या करें? जानें नियम, दान और शुद्धिकरण की परंपरा
Jun 10, 2026, 06:40 IST
हिंदू धार्मिक मान्यताओं और Garuda Purana के अनुसार, किसी व्यक्ति के निधन के बाद उसके उपयोग में आने वाले कपड़े, बिस्तर और अन्य निजी वस्तुओं को लेकर कुछ परंपरागत नियम बताए गए हैं।
धार्मिक मान्यता के अनुसार मृतक की वस्तुओं को लंबे समय तक घर में रखना अशुभ माना जाता है, क्योंकि इन्हें उस व्यक्ति की स्मृतियों और ऊर्जा से जुड़ा हुआ माना जाता है। इसलिए कई परंपराओं में इन वस्तुओं के शुद्धिकरण या दान की सलाह दी जाती है।
क्या किया जाता है परंपरा के अनुसार:
- मृतक के कपड़ों को अक्सर धोकर जरूरतमंदों को दान कर दिया जाता है।
- बिस्तर, चादर या अन्य उपयोगी सामान को भी दान करने की परंपरा है।
- कुछ परिवार इन वस्तुओं का धार्मिक विधि से शुद्धिकरण कर उन्हें विसर्जित या अलग रख देते हैं।
मान्यता क्या कहती है:
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार ऐसा करने से परिवार मानसिक रूप से आगे बढ़ने में सक्षम होता है और घर में सकारात्मक वातावरण बना रहता है।
हालांकि, यह सभी परंपराएं धार्मिक विश्वास और रीति-रिवाजों पर आधारित हैं, और अलग-अलग क्षेत्रों और परिवारों में इनका पालन अलग-अलग तरीकों से किया जाता है।