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कब से शुरू हो रहा पौष का महीना, जानिए तारीख और इससे जुड़े नियम

 

ज्योतिष न्यूज़ डेस्क: हिंदू धर्म में वैसे तो सभी महीने को महत्वपूर्ण बताया गया है लेकिन पौष मास खास माना जाता है मार्गशीर्ष मास के समाप्त होने के बाद से हिंदू पंचांग का नया महीना पौष आरंभ हो जाएगा। मार्गशीर्ष माह भगवान श्रीकृष्ण को समर्पित होता है वही पौष का महीना सूर्यदेवता की पूजा आराधना के लिए उत्तम माना जाता है मान्यता है कि इस महीने सूर्यदेव की पूजा करने से विशेष कृपा की प्राप्ति होती है

पौष मास में पिंडदान और श्राद्ध जैसे कार्य करना भी ठी माना जाता है इस माह में शुभ व मांगलिक कार्यों पर रोक होती है शास्त्र अनुसार इस महीने को पितृपक्ष के रूप में भी जाना जाता है इस माह में पिंडदान और श्राद्ध करने से पितरों की आत्मा को शांति मिल जाती है और मृत्यु के बाद जातक को बैकुंठ की प्राप्ति होती है वही इस पवित्र माह में सूर्य आराधना करने व जल अर्पित करने से मान सम्मान में वृद्धि होती है तो आज हम आपको अपने इस लेख द्वारा बता रहे हैं कि पौष मास का आरंभ कब से हो रहा है और इससे जुड़े नियम क्या है तो आइए जानते हैं।   

धार्मिक पंचांग के अनुसार मार्गशीर्ष मास के बाद पौष आरंभ हो जाता है इस बार 8 दिसंबर को मार्गशीर्ष पूर्णिमा के बाद 9 दिसंबर को पौष का महीना आरंभ हो जाएगा। और 7 जनवरी को इसका समापन होगा। इस माह में शुभ कार्यों पर रोक लग जाती है। 

जानिए इस माह से जुड़े नियम—
हिंदू धर्म और ज्योतिष अनुसर इस पवित्र माह में शुभ और मांगलिक कार्यों की मनाही होती है इस समय भगवान सूर्यदेव की पूजा आराधना करना विशेष फल प्रदान करता है मान्यता है कि पौष मास में सूर्यदेव की पूजा करने से जातक को तेज, बल, बुद्धि, विद्या और धन में वृद्धि होती है वहीं इस महीने पड़ने वाले रविवार के दिन व्रत रखने से भी भक्तों को विशेष फल की प्राप्ति होती है और समाज में मान सम्मान बढ़ता है वही निरोगी काया का आशीर्वाद प्राप्त होता है।