45 लोगों ने 31 मिनट में 5100 बार किया गायत्री मंत्र का जाप, वर्ल्ड रिकॉर्ड का किया दावा
गायत्री मंत्र हिंदू धर्म के सबसे प्रसिद्ध और पवित्र वैदिक मंत्रों में से एक माना जाता है। भगवान सूर्य और सविता देव की उपासना से जुड़े इस मंत्र का जाप श्रद्धा और एकाग्रता के साथ किया जाता है। सुबह के समय गायत्री मंत्र का पाठ या श्रवण करने की धार्मिक परंपरा रही है।
गायत्री मंत्र
ॐ भूर्भुवः स्वः।
तत्सवितुर्वरेण्यं
भर्गो देवस्य धीमहि।
धियो यो नः प्रचोदयात्॥
गायत्री मंत्र में साधक परम दिव्य प्रकाश का ध्यान करते हुए अपनी बुद्धि को सही दिशा देने की प्रार्थना करता है।
सुपरफास्ट गायत्री मंत्र का महत्व
आजकल समय की कमी के कारण लोग सुपरफास्ट गायत्री मंत्र का पाठ या श्रवण पसंद करते हैं। इसमें मंत्र का उच्चारण सामान्य से तेज गति में किया जाता है, जिससे कम समय में इसका श्रवण किया जा सके।धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, नियमित रूप से गायत्री मंत्र का जाप करने से मन को शांति और सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त होती है। विद्यार्थियों के लिए भी एकाग्रता और ज्ञान की कामना से गायत्री मंत्र का जाप करने की परंपरा है।
गायत्री मंत्र जाप के लाभ
मान्यताओं के अनुसार गायत्री मंत्र के जाप से:
- मन को शांति मिलती है।
- एकाग्रता बढ़ाने में सहायता मिलती है।
- सकारात्मक सोच विकसित होती है।
- आत्मविश्वास और मानसिक शक्ति बढ़ती है।
- आध्यात्मिक चिंतन को बढ़ावा मिलता है।
कब करें गायत्री मंत्र का जाप
सुबह सूर्योदय के समय गायत्री मंत्र का जाप विशेष शुभ माना जाता है। स्नान करने के बाद शांत स्थान पर बैठकर पूर्व दिशा की ओर मुख करके मंत्र का जाप किया जा सकता है। श्रद्धालु अपनी सुविधा के अनुसार इसका पाठ या श्रवण करते हैं।गायत्री मंत्र का जाप केवल तेज गति से करने के बजाय सही उच्चारण, श्रद्धा और एकाग्रता के साथ करना अधिक महत्वपूर्ण माना जाता है।
ॐ भूर्भुवः स्वः।
तत्सवितुर्वरेण्यं
भर्गो देवस्य धीमहि।
धियो यो नः प्रचोदयात्॥