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Dhanteras 2026 से पहले सोना-चांदी खरीदने के 2 शुभ दिन, 1 नवंबर को बनेगा रवि पुष्य योग; जानें मुहूर्त और महत्व

 

हिंदू धर्म में धनतेरस के अवसर पर सोना, चांदी और नए बर्तन खरीदना बेहद शुभ माना जाता है। हर साल बड़ी संख्या में लोग इस दिन कीमती धातुओं और घर में इस्तेमाल होने वाली नई वस्तुओं की खरीदारी करते हैं। हालांकि, धार्मिक मान्यताओं के अनुसार धनतेरस से पहले भी कुछ ऐसे शुभ अवसर आते हैं, जब सोना-चांदी खरीदना लाभकारी माना जाता है। इनमें पुष्य नक्षत्र और रवि पुष्य योग का विशेष महत्व है।

अगर आप भी धनतेरस 2026 से पहले सोना, चांदी या आभूषण खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो 31 अक्टूबर और 1 नवंबर की तिथियां आपके लिए खास हो सकती हैं। आइए जानते हैं इन दिनों का धार्मिक महत्व और रवि पुष्य योग में किन चीजों की खरीदारी करना शुभ माना जाता है।

31 अक्टूबर 2026 को पुष्य नक्षत्र में कर सकते हैं खरीदारी

हिंदू पंचांग में पुष्य नक्षत्र को शुभ नक्षत्रों में गिना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस नक्षत्र में सोना-चांदी, आभूषण और घर के लिए जरूरी वस्तुएं खरीदना शुभ माना जाता है। मान्यता है कि इस दौरान की गई खरीदारी सुख-समृद्धि और आर्थिक स्थिरता का प्रतीक होती है।

साल 2026 में पुष्य नक्षत्र 31 अक्टूबर से शुरू होकर 1 नवंबर तक रहने की जानकारी दी गई है। ऐसे में इन दोनों दिनों में लोग अपनी सुविधा और स्थानीय पंचांग के अनुसार खरीदारी की योजना बना सकते हैं। हालांकि, खरीदारी से पहले पुष्य नक्षत्र के सटीक समय की पुष्टि कर लेना बेहतर रहेगा।

1 नवंबर को बनेगा रवि पुष्य योग

1 नवंबर 2026 को रविवार और पुष्य नक्षत्र का संयोग बनने के कारण रवि पुष्य योग रहेगा। ज्योतिष शास्त्र में इस योग को खरीदारी, निवेश से जुड़े पारंपरिक निर्णयों और नए कार्यों की शुरुआत के लिए शुभ माना जाता है।

पंचांग के अनुसार, रवि पुष्य योग का समय 1 नवंबर को सुबह 6:18 बजे से शुरू होकर 2 नवंबर को सुबह 4:30 बजे तक बताया गया है। अपने शहर में सूर्योदय और पंचांग के अनुसार समय की पुष्टि अवश्य करें।

धार्मिक मान्यता है कि रवि पुष्य योग में सोना, चांदी, आभूषण और अन्य मूल्यवान वस्तुएं खरीदने से घर में सुख-समृद्धि आती है। यही वजह है कि कई लोग धनतेरस का इंतजार करने के बजाय इस शुभ संयोग में खरीदारी करना पसंद करते हैं।

रवि पुष्य योग में क्या खरीदना माना जाता है शुभ?

हिंदू मान्यताओं के अनुसार, रवि पुष्य योग में कई तरह की वस्तुओं की खरीदारी शुभ मानी जाती है। इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं:

  • सोने के आभूषण और गोल्ड कॉइन: सोने की खरीदारी को समृद्धि और शुभता का प्रतीक माना जाता है।

  • चांदी के सिक्के और बर्तन: पूजा-पाठ और घरेलू इस्तेमाल के लिए चांदी की वस्तुएं खरीदी जाती हैं।

  • सोना और चांदी: इस योग में कीमती धातुओं की खरीदारी को शुभ माना जाता है।

  • घर के जरूरी सामान: मान्यता के अनुसार, नए घरेलू सामान खरीदना भी शुभ हो सकता है।

  • नई शुरुआत से जुड़ी वस्तुएं: लोग अपनी जरूरत के अनुसार नए काम या योजनाओं के लिए जरूरी सामान खरीदते हैं।

धनतेरस से पहले खरीदारी का अच्छा अवसर

अगर आप धनतेरस 2026 से पहले सोना-चांदी खरीदना चाहते हैं, तो 31 अक्टूबर और 1 नवंबर को पड़ने वाले पुष्य नक्षत्र पर विचार कर सकते हैं। खास तौर पर 1 नवंबर का रवि पुष्य योग धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

हालांकि, शुभ मुहूर्त धार्मिक आस्था और परंपराओं से जुड़े होते हैं। सोना-चांदी खरीदते समय अपने बजट, बाजार भाव और जरूरत को भी ध्यान में रखें। आभूषण लेते समय हॉलमार्क और बिल जरूर जांचें।