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दुनिया का ऐसा अनोखा गुरूद्वारा जिसमें समाया हैं लाखों मुगल सैनिकों का खून, वीडियो में देखें इसकी ऐतिहासिक कहानी

 

भारत का इतिहास वीरता, बलिदान और धर्म की रक्षा के लिए लड़े गए युद्धों से भरा पड़ा है। इसी इतिहास की एक गौरवशाली निशानी है पंजाब के आनंदपुर साहिब के निकट स्थित गुरुद्वारा फतेहगढ़ साहिब। यह वही पवित्र स्थान है, जहां मुगलों और सिखों के बीच भीषण युद्ध लड़ा गया था, और लाखों मुगल सैनिकों का रक्त इस भूमि पर बहा था। आज भी यह गुरुद्वारा उन ऐतिहासिक संघर्षों की गवाही देता है, जिसने धर्म और स्वाभिमान की रक्षा के लिए अनगिनत बलिदान देखे।

युद्धभूमि बना था यह स्थान

17वीं सदी के अंत और 18वीं सदी की शुरुआत में मुगल शासक सिखों के बढ़ते प्रभाव से घबराए हुए थे। मुगलों ने गुरु गोबिंद सिंह जी और उनके अनुयायियों को समाप्त करने के लिए कई अभियान चलाए। इन्हीं संघर्षों के दौरान फतेहगढ़ साहिब की भूमि पर एक भीषण युद्ध हुआ, जिसमें हजारों सिख सैनिकों ने बहादुरी से लड़ते हुए लाखों मुगल सैनिकों का संहार किया।

बच्चों के बलिदान की अमर कहानी

यह वही स्थान है जहां गुरु गोबिंद सिंह जी के छोटे साहिबजादे — साहिबजादा जोरावर सिंह और साहिबजादा फतेह सिंह — को मुगलों ने दीवार में जिंदा चिनवा दिया था। इस हृदय विदारक घटना ने न केवल सिख समुदाय को, बल्कि पूरे भारत को झकझोर दिया था। आज भी फतेहगढ़ साहिब गुरुद्वारे में इन मासूम शहीदों की याद में श्रद्धा से सिर झुकाए जाते हैं।

मुगल सेना का रक्त से लाल हुई थी धरती

इतिहासकारों के अनुसार, फतेहगढ़ साहिब के आसपास की जमीन युद्ध के दौरान इतने खून से लाल हो गई थी कि कई दिनों तक पानी तक लाल रंग में बहता रहा। इस भूमि ने लाखों मुगल सैनिकों का रक्त अपनी गोद में समेटा और आज भी उस बलिदान और विजय की कहानियां हवा में गूंजती हैं। यह स्थान शौर्य, धर्म और अन्याय के खिलाफ अडिग खड़े रहने का प्रतीक बन चुका है।

गुरुद्वारे का निर्माण और महत्व

फतेहगढ़ साहिब गुरुद्वारे का निर्माण शहीद बच्चों और बहादुर सिख सैनिकों की स्मृति में किया गया। यह सिर्फ एक धार्मिक स्थल नहीं है, बल्कि एक प्रेरणा स्थल भी है, जो हमें अन्याय के खिलाफ संघर्ष करने और अपने धर्म व अस्मिता की रक्षा के लिए अंतिम सांस तक लड़ने का संदेश देता है।

वीडियो में देखें पूरी ऐतिहासिक कहानी

अगर आप भी इस अनोखे गुरुद्वारे की गौरवशाली और भावुक करने वाली कहानी को जानना चाहते हैं, तो हमारा वीडियो जरूर देखें। वीडियो में दिखाया गया है कि कैसे यह भूमि मुगलों की क्रूरता के खिलाफ सिख वीरता और बलिदान का गवाह बनी।