×

Work From Home Tips: बिस्तर पर बैठकर काम करना पड़ सकता है भारी, जानिए क्यों बिगड़ सकती है सेहत और काम की गुणवत्ता

 

कोरोना महामारी के बाद से घर से काम करने यानी वर्क फ्रॉम होम (Work From Home) का चलन काफी बढ़ गया है। अब कई लोग अपने घर से ही लैपटॉप खोलकर ऑफिस का काम पूरा करते हैं। घर में काम करने की आजादी और आराम की वजह से लोग अक्सर ऐसी जगह काम करना पसंद करते हैं, जहां उन्हें सबसे ज्यादा सुविधा महसूस होती है। इनमें सबसे आम है बिस्तर पर बैठकर लैपटॉप चलाना।

हालांकि, यह आदत शुरुआत में काफी आरामदायक लग सकती है, लेकिन लंबे समय तक ऐसा करना शरीर और मानसिक स्वास्थ्य दोनों के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार, बिस्तर का इस्तेमाल मुख्य रूप से आराम और नींद के लिए किया जाना चाहिए, न कि ऑफिस के काम के लिए।

शरीर को हो सकती हैं कई परेशानियां

बिस्तर पर बैठकर लंबे समय तक लैपटॉप चलाने से बैठने की मुद्रा (Posture) सही नहीं रहती। अक्सर लोग तकिए के सहारे झुककर काम करते हैं, जिससे गर्दन, कंधे और कमर पर दबाव बढ़ सकता है।

लगातार गलत मुद्रा में बैठने से पीठ दर्द, गर्दन में अकड़न और मांसपेशियों में खिंचाव जैसी समस्याएं हो सकती हैं। इसके अलावा लैपटॉप को गोद में रखकर काम करने से हाथों और आंखों पर भी अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है।

दिमाग को काम और आराम के बीच अंतर समझने में होती है परेशानी

मनोवैज्ञानिकों के अनुसार, हमारा दिमाग किसी जगह को एक खास गतिविधि से जोड़ लेता है। जब हम बिस्तर को सिर्फ सोने और आराम करने की जगह के रूप में इस्तेमाल करते हैं, तो शरीर आसानी से आराम की स्थिति में चला जाता है।

लेकिन जब उसी जगह पर रोजाना कई घंटे काम किया जाता है, तो दिमाग को आराम और काम के बीच अंतर करने में परेशानी हो सकती है। इसका असर नींद की गुणवत्ता और मानसिक थकान पर पड़ सकता है।

काम की उत्पादकता भी हो सकती है प्रभावित

बिस्तर पर बैठकर काम करने से कई बार व्यक्ति ज्यादा आरामदायक महसूस करता है और उसका ध्यान भटकने की संभावना बढ़ जाती है। इससे काम पूरा करने में ज्यादा समय लग सकता है।

वहीं, एक तय जगह जैसे स्टडी टेबल या वर्क डेस्क पर बैठकर काम करने से दिमाग काम के लिए तैयार रहता है और एकाग्रता बेहतर हो सकती है।

घर में बनाएं छोटा वर्क स्पेस

अगर घर से काम करना जरूरी है तो कोशिश करें कि एक अलग जगह को वर्क स्टेशन बनाया जाए। इसके लिए जरूरी नहीं कि बड़ा ऑफिस सेटअप हो। एक छोटी टेबल, आरामदायक कुर्सी और सही रोशनी भी काम के लिए बेहतर माहौल तैयार कर सकती है।

काम खत्म होने के बाद उस जगह से हट जाना भी जरूरी है, ताकि दिमाग को संकेत मिले कि अब आराम का समय शुरू हो गया है।

आराम और काम के बीच रखें संतुलन

वर्क फ्रॉम होम में सबसे बड़ी चुनौती यही होती है कि व्यक्ति काम और निजी जीवन के बीच संतुलन बनाए रखे। बिस्तर पर काम करने की आदत भले ही आसान लगे, लेकिन लंबे समय में यह थकान, तनाव और स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों को बढ़ा सकती है।

इसलिए बेहतर है कि काम के लिए अलग जगह तय करें और बिस्तर को सिर्फ आराम और अच्छी नींद के लिए ही इस्तेमाल करें। इससे शरीर और दिमाग दोनों को बेहतर तरीके से आराम मिल सकेगा।