चोरी पकड़ी तो ग्रामीणों ने कानून हाथ में लिया? युवक की बेरहमी से पिटाई का Video वायरल
बिहार के पटना जिले से एक कथित Video सोशल मीडिया पर सामने आया है, जिसे Nadaul Railway Station का बताया जा रहा है। दावा किया जा रहा है कि यह स्टेशन पटना-गया रेलवे लाइन पर स्थित है। वायरल Video में एक युवक को कुछ ग्रामीणों ने घेर रखा है और उसके साथ कथित तौर पर जमकर मारपीट की जा रही है।
यह कथित Video Nadaul Railway Station का बताया जा रहा है!
— Afjal Raj Guru (@afjalrajguru) September 12, 2026
यह Station Bihar राज्य के Patna जिले में Patna-Gaya Line पर स्थित है।
आरोप है की ये लड़का चोरी करते हुए पकड़ा गया है, इसलिए वहा के ग्रमीण इसे इस तरह पिट रहे है!
क्या एक चोरी के लिए इस तरह बेदर्दी से पीटना कहा तक है?👇 pic.twitter.com/9t4rmHZd9v
सोशल मीडिया पर Video को लेकर दावा किया जा रहा है कि युवक को चोरी करते हुए पकड़ा गया था। इसके बाद ग्रामीणों का गुस्सा उस पर फूट पड़ा और लोगों ने उसे पकड़कर सरेआम पीटना शुरू कर दिया। Video में आसपास कई लोग मौजूद नजर आते हैं, जबकि युवक खुद को बचाने की कोशिश करता दिखाई देता है।
हालांकि, इस Video की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। युवक पर चोरी करने का आरोप भी फिलहाल सोशल मीडिया पर किए जा रहे दावों पर आधारित है। यह भी स्पष्ट नहीं है कि Video कब का है और घटना के बाद पुलिस की ओर से क्या कार्रवाई की गई।
घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि अगर किसी व्यक्ति पर चोरी या किसी दूसरे अपराध का शक हो, तो क्या भीड़ को खुद कानून हाथ में लेकर उसके साथ मारपीट करने का अधिकार है?
किसी भी अपराध की जांच और आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की जिम्मेदारी पुलिस और कानून की होती है। आरोप सही है या गलत, इसका फैसला जांच और कानूनी प्रक्रिया के जरिए होना चाहिए। किसी व्यक्ति को सिर्फ आरोप या शक के आधार पर सरेआम पीटना कई गंभीर सवाल खड़े करता है।
वायरल Video को लेकर सोशल मीडिया पर भी लोग अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। कुछ लोग चोरी के आरोप में युवक की पिटाई को सही ठहराने की कोशिश कर रहे हैं, तो वहीं कई लोग भीड़ की इस कार्रवाई पर सवाल उठा रहे हैं और कह रहे हैं कि अपराध की सजा देने का अधिकार कानून को है, भीड़ को नहीं।
अब सवाल यही है कि अगर युवक वास्तव में चोरी करते हुए पकड़ा गया था, तो क्या उसके खिलाफ पुलिस को सूचना देकर कानूनी कार्रवाई नहीं की जानी चाहिए थी? और अगर आरोप गलत था, तो उस युवक के साथ हुई मारपीट की जिम्मेदारी कौन लेगा?
Nadaul Railway Station का बताया जा रहा यह कथित Video इसी वजह से चर्चा में है और लोगों के बीच एक बड़ा सवाल छोड़ रहा है—चोरी के आरोप में किसी व्यक्ति को इस तरह बेरहमी से पीटना आखिर कहां तक जायज है?