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दुनिया के सबसे ऊंचे पर्वत का क्या है नाम? माउंट एवरेस्ट है गलत जवाब, टॉप 3 में भी नहीं शामिल
 

 

जब भी किसी से पूछा जाता है कि दुनिया का सबसे ऊंचा पर्वत कौन सा है, तो ज्यादातर लोगों का जवाब होता है—माउंट एवरेस्ट। लेकिन यह सवाल थोड़ा पेचीदा है। अगर ऊंचाई को समुद्र तल से मापने के बजाय पर्वत के आधार से उसकी चोटी तक मापा जाए, तो तस्वीर पूरी तरह बदल जाती है।

माउंट एवरेस्ट क्यों नहीं है सबसे ऊंचा?

समुद्र तल से ऊंचाई के आधार पर माउंट एवरेस्ट दुनिया की सबसे ऊंची पर्वत चोटी है। इसकी ऊंचाई करीब 8,849 मीटर है। लेकिन पृथ्वी की सतह से चोटी तक की कुल ऊंचाई मापने पर एवरेस्ट को पहला स्थान नहीं मिलता।

इसका कारण यह है कि एवरेस्ट का बड़ा हिस्सा समुद्र तल से पहले ही नीचे नहीं है, जबकि कुछ पर्वतों का आधार समुद्र के नीचे तक फैला हुआ है।

मौना केआ को क्यों माना जाता है सबसे ऊंचा?

हवाई में स्थित मौना केआ (Mauna Kea) ज्वालामुखी का आधार समुद्र तल के नीचे है। समुद्र की सतह से इसकी ऊंचाई करीब 4,200 मीटर है, लेकिन समुद्र तल के नीचे स्थित इसके आधार से चोटी तक की कुल ऊंचाई लगभग 10,200 मीटर बैठती है।

इसी आधार पर मौना केआ को अक्सर पृथ्वी का आधार से चोटी तक सबसे ऊंचा पर्वत कहा जाता है।

चिम्बोराजो भी है खास

इक्वाडोर का चिम्बोराजो (Chimborazo) समुद्र तल से दुनिया की सबसे ऊंची चोटी नहीं है, लेकिन पृथ्वी के केंद्र से सबसे दूर स्थित पर्वत शिखर है।

पृथ्वी पूरी तरह गोल नहीं है। भूमध्य रेखा के आसपास उसका व्यास थोड़ा अधिक है। चिम्बोराजो भूमध्य रेखा के काफी करीब स्थित है, इसलिए उसकी चोटी पृथ्वी के केंद्र से एवरेस्ट की चोटी की तुलना में ज्यादा दूर है।

तो आखिर सही जवाब क्या है?

इस सवाल का जवाब इस बात पर निर्भर करता है कि ‘सबसे ऊंचा’ किस आधार पर मापा जा रहा है।

समुद्र तल से सबसे ऊंची चोटी: माउंट एवरेस्ट — करीब 8,849 मीटर
आधार से चोटी तक सबसे ऊंचा: मौना केआ — करीब 10,200 मीटर
पृथ्वी के केंद्र से सबसे दूर पर्वत शिखर: चिम्बोराजो

इसलिए यह कहना कि माउंट एवरेस्ट दुनिया का सबसे ऊंचा पर्वत नहीं है, पूरी तरह सही नहीं होगा। समुद्र तल से मापने पर एवरेस्ट ही नंबर-1 है। लेकिन अलग-अलग वैज्ञानिक मापदंड अपनाने पर मौना केआ और चिम्बोराजो भी अलग रिकॉर्ड कायम करते हैं।