☰
×

Niti Taylor के साथ क्या हुआ था? कास्टिंग काउच को लेकर सोशल मीडिया पर चर्चा तेज

 

टीवी इंडस्ट्री की जानी-मानी एक्ट्रेस नीति टेलर को लेकर एक इंटरव्यू से जुड़ा दावा सोशल मीडिया पर चर्चा में है। बताया जा रहा है कि एक्ट्रेस ने फिल्म इंडस्ट्री में काम के बदले अनुचित मांग किए जाने के अनुभव के बारे में बात की थी।दावे के मुताबिक, नीति टेलर ने बताया कि जब उन्होंने एक साउथ फिल्म के निर्देशक के साथ काम किया, तो बाद में उस निर्देशक ने उन्हें एक अन्य प्रोजेक्ट ऑफर किया। लेकिन आरोप है कि इस ऑफर के साथ उनसे अनुचित संबंध बनाने का दबाव भी डाला गया।

बिगड़ैल लड़कों को पसंद करने वाली नीति टेलर ने कास्टिंग काउच को लेकर जो कहा है वो हैरान करने वाला है।

नीति टेलर ने एक इंटरव्यू में बताया कि

उन्होंने साउथ के एक डायरेक्टर के साथ एक फिल्म पर काम किया था तो उसके बाद उन्होंने एक और प्रोजेक्ट का ऑफर दिया था लेकिन उसके बदले उस… pic.twitter.com/rEPkXimSl1

— Jaiky Yadav (@JaikyYadav16) October 12, 2026

बिगड़ैल लड़कों को पसंद करने वाली नीति टेलर ने कास्टिंग काउच को लेकर जो कहा है वो हैरान करने वाला है।

नीति टेलर ने एक इंटरव्यू में बताया कि

उन्होंने साउथ के एक डायरेक्टर के साथ एक फिल्म पर काम किया था तो उसके बाद उन्होंने एक और प्रोजेक्ट का ऑफर दिया था लेकिन उसके बदले उस… pic.twitter.com/rEPkXimSl1

— Jaiky Yadav (@JaikyYadav16) October 12, 2026


बताया जा रहा है कि इस स्थिति से असहज होने के बाद नीति ने उस व्यक्ति का नंबर ब्लॉक कर दिया। हालांकि, इस बयान के मूल इंटरव्यू और संबंधित विवरण की स्वतंत्र पुष्टि जरूरी है। इसलिए इसे एक्ट्रेस का सत्यापित बयान मानने से पहले मूल स्रोत देखना महत्वपूर्ण है।यह मामला एक बार फिर मनोरंजन जगत में कास्टिंग काउच जैसे गंभीर मुद्दे पर चर्चा को सामने लाता है। कास्टिंग काउच का मतलब ऐसी स्थिति से है, जहां किसी व्यक्ति से काम या करियर में अवसर देने के बदले यौन संबंध या अन्य अनुचित मांग की जाती है।

ऐसे मामलों में सबसे जरूरी बात यह है कि किसी भी कलाकार को काम पाने के लिए अपनी इच्छा के खिलाफ कोई समझौता करने के लिए मजबूर नहीं किया जाना चाहिए। इंडस्ट्री में काम करने वाले हर व्यक्ति को सुरक्षित और सम्मानजनक माहौल मिलना चाहिए।फिल्म और टीवी जगत में समय-समय पर ऐसे आरोपों और अनुभवों की चर्चा होती रही है। हालांकि, हर मामले के तथ्यों को अलग-अलग देखना जरूरी है और बिना पुष्टि किसी व्यक्ति पर आरोप को स्थापित तथ्य की तरह पेश नहीं करना चाहिए।