वीडियो में देखें बैरिकेडिंग, हिरासत और नारेबाजी… जंतर-मंतर पर क्या हुआ?
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और वोटर लिस्ट की Special Intensive Revision यानी SIR को लेकर देश के कई हिस्सों में विरोध प्रदर्शन देखने को मिला। शुक्रवार को दिल्ली के जंतर-मंतर के पास भी प्रदर्शनकारी जुटे और चुनाव आयोग से जुड़े मुद्दों को लेकर नारेबाजी की।
जिस बात का डर था वही हुआ मुख्य चुनाव आयुक्त Gyanesh Kumar के इस्तीफा को लेकर प्रदर्शन की शुरुआत हो रही थी
— Bhanu Nand (@BhanuNand) September 25, 2026
बिहार और चंडीगढ़ में प्रदर्शन शुरू भी हो गया था वाॅटर कैनन का इस्तेमाल भी हो चुका था, जंतर मंतर पर पहले जैसा माहौल बनने की शुरुआत हो रही थी
इसी बीच AISA अध्यक्ष नेहा बोरा… pic.twitter.com/5rfenChvqX
जिस बात का डर था वही हुआ मुख्य चुनाव आयुक्त Gyanesh Kumar के इस्तीफा को लेकर प्रदर्शन की शुरुआत हो रही थी
— Bhanu Nand (@BhanuNand) September 25, 2026
बिहार और चंडीगढ़ में प्रदर्शन शुरू भी हो गया था वाॅटर कैनन का इस्तेमाल भी हो चुका था, जंतर मंतर पर पहले जैसा माहौल बनने की शुरुआत हो रही थी
इसी बीच AISA अध्यक्ष नेहा बोरा… pic.twitter.com/5rfenChvqX
रिपोर्ट्स के मुताबिक, दिल्ली में प्रदर्शनकारियों को जंतर-मंतर की ओर बढ़ने से रोकने के लिए बैरिकेडिंग की गई थी। इसके बाद पुलिस ने कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया। Indian Express के मुताबिक, हिरासत में लिए गए लोगों की संख्या 60 से ज्यादा थी, जिनमें AISA नेता नेहा बोरा, योगेंद्र यादव, अंजलि भारद्वाज, प्रशांत भूषण और दीपांकर भट्टाचार्य समेत कई लोग शामिल थे।
उधर, चंडीगढ़ और पटना में भी CEC के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन हुए और पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए वॉटर कैनन का इस्तेमाल किया।
जंतर-मंतर के प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की और खींचतान के दृश्य भी सामने आए। कुछ रिपोर्टों में प्रदर्शनकारियों को पुलिस द्वारा खींचकर बसों में ले जाने का दावा किया गया है।
अब इस पूरे विवाद में दो बातें सबसे ज्यादा चर्चा में हैं—पहली, SIR को लेकर उठ रहे सवाल और दूसरी, प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिए जाने को लेकर विपक्षी दलों और नागरिक समूहों की प्रतिक्रिया।
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और वोटर लिस्ट की Special Intensive Revision यानी SIR को लेकर देश के कई हिस्सों में विरोध प्रदर्शन देखने को मिला। शुक्रवार को दिल्ली के जंतर-मंतर के पास भी प्रदर्शनकारी जुटे और चुनाव आयोग से जुड़े मुद्दों को लेकर नारेबाजी की।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, दिल्ली में प्रदर्शनकारियों को जंतर-मंतर की ओर बढ़ने से रोकने के लिए बैरिकेडिंग की गई थी। इसके बाद पुलिस ने कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया। Indian Express के मुताबिक, हिरासत में लिए गए लोगों की संख्या 60 से ज्यादा थी, जिनमें AISA नेता नेहा बोरा, योगेंद्र यादव, अंजलि भारद्वाज, प्रशांत भूषण और दीपांकर भट्टाचार्य समेत कई लोग शामिल थे।
उधर, चंडीगढ़ और पटना में भी CEC के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन हुए और पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए वॉटर कैनन का इस्तेमाल किया।
जंतर-मंतर के प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की और खींचतान के दृश्य भी सामने आए। कुछ रिपोर्टों में प्रदर्शनकारियों को पुलिस द्वारा खींचकर बसों में ले जाने का दावा किया गया है।
अब इस पूरे विवाद में दो बातें सबसे ज्यादा चर्चा में हैं—पहली, SIR को लेकर उठ रहे सवाल और दूसरी, प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिए जाने को लेकर विपक्षी दलों और नागरिक समूहों की प्रतिक्रिया।