×

वीडियो में देखिए शादी की मेहंदी के लिए मंदिर पहुंचा जनसैलाब, मची भगदड़ जैसी स्थिति!

 

जयपुर के प्रसिद्ध मोती डूंगरी गणेश मंदिर में रविवार को कुछ ऐसा नजारा देखने को मिला, जिसने सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव और वायरल दावों पर भरोसा करने को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए।दरअसल, सोशल मीडिया पर एक Reel तेजी से वायरल हुई थी, जिसमें दावा किया गया कि भगवान गणेश को चढ़ाई गई मेहंदी अगर अविवाहित लड़के या लड़की को मिल जाए और वह उसे लगाए, तो जल्द शादी हो जाती है। बस फिर क्या था, देखते ही देखते यह बात सोशल मीडिया पर फैलती चली गई।

कल जयपुर के मोती डूंगरी गणेश मंदिर में मेहंदी लेने उमड़ी भीड़ ने कई सवाल खड़े कर दिए।

सोशल मीडिया पर रील वायरल हुई कि गणेश जी के सिंजारे की मेहंदी लगाने से कुंवारे लड़के-लड़कियों की जल्द शादी हो जाएगी। इसके बाद देश के अलग-अलग हिस्सों से लोग जयपुर पहुंचने लगे। कोई अपने बेटे के… pic.twitter.com/9LnwRS1e5Z

— Jamwant Maurya (@JamwantM) September 14, 2026

कल जयपुर के मोती डूंगरी गणेश मंदिर में मेहंदी लेने उमड़ी भीड़ ने कई सवाल खड़े कर दिए।

सोशल मीडिया पर रील वायरल हुई कि गणेश जी के सिंजारे की मेहंदी लगाने से कुंवारे लड़के-लड़कियों की जल्द शादी हो जाएगी। इसके बाद देश के अलग-अलग हिस्सों से लोग जयपुर पहुंचने लगे। कोई अपने बेटे के… pic.twitter.com/9LnwRS1e5Z

— Jamwant Maurya (@JamwantM) September 14, 2026


वायरल Reel पर भरोसा करके बड़ी संख्या में लोग जयपुर के मोती डूंगरी गणेश मंदिर पहुंचने लगे। कोई अपने बेटे के लिए मेहंदी लेने आया था, तो कोई भाई, बहन या परिवार के किसी दूसरे सदस्य के लिए। देखते ही देखते मंदिर के आसपास लोगों की इतनी भीड़ जमा हो गई कि हालात संभालना मुश्किल हो गया।

भीड़ बढ़ने के साथ कई मौकों पर भगदड़ जैसी स्थिति भी देखने को मिली। हालात को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी और भीड़ को पीछे हटाने के लिए पुलिसकर्मियों ने लाठियां भी चलाईं।

गनीमत रही कि इस दौरान कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ। लेकिन इस पूरी घटना ने एक बेहद जरूरी सवाल जरूर खड़ा कर दिया है—क्या सोशल मीडिया पर वायरल होने वाली हर बात को बिना सोचे-समझे सच मान लेना सही है?

आस्था अपनी जगह है और भगवान के प्रति श्रद्धा भी अपनी जगह, लेकिन जब कोई वायरल दावा हजारों लोगों को एक ही जगह इकट्ठा कर दे और उससे भगदड़ जैसे हालात पैदा होने लगें, तो हमें थोड़ा रुककर सोचना जरूरी है।

आज सोशल मीडिया पर कुछ भी कुछ ही मिनटों में वायरल हो जाता है। लोग कई बार यह जांचने की कोशिश भी नहीं करते कि वायरल वीडियो में किया जा रहा दावा सच है या सिर्फ लोगों की भावनाओं को आकर्षित करने के लिए बनाया गया है।

इस घटना से प्रशासन के लिए भी एक सबक है। अगर किसी धार्मिक स्थल पर सोशल मीडिया के कारण अचानक बड़ी भीड़ जुट सकती है, तो ऐसे आयोजनों और मौकों पर बेहतर Crowd Management, बैरिकेडिंग, पुलिस बल और लोगों की आवाजाही की व्यवस्था पहले से तैयार रखनी चाहिए।क्योंकि आस्था के नाम पर उमड़ी भीड़ अगर बेकाबू हो जाए, तो एक छोटी सी अफवाह भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है।