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Viral Video: सफेद दाग देखकर ठुकराया शादी का रिश्ता, अंशु के सवाल ने समाज की सोच पर उठाए सवाल

 

सोशल मीडिया पर इन दिनों विटिलिगो से जूझ रही अंशु का एक वीडियो चर्चा में है। इस वीडियो में अंशु ने अपनी जिंदगी से जुड़ा ऐसा अनुभव साझा किया, जिसने समाज में खूबसूरती और बाहरी रूप-रंग को लेकर बनी धारणाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

अंशु बताती हैं कि उनके लिए शादी का एक रिश्ता आया था, लेकिन लड़के ने उनकी तस्वीर देखने के बाद शादी करने से इनकार कर दिया। उसने साफ कह दिया कि वह इस लड़की से शादी नहीं करना चाहता।

अंशु को इस बात का दुख तो हुआ, लेकिन उन्हें सबसे ज्यादा तकलीफ तब हुई, जब उन्होंने अपनी मां को रात में रोते हुए देखा। मां को इस तरViral Video: सफेद दाग देखकर ठुकराया शादी का रिश्ता, अंशु के सवाल ने समाज की सोच पर उठाए सवाल

ह दुखी देखकर अंशु ने उनसे पूछा कि आखिर इसमें उनकी क्या गलती है? इस पर मां ने समझाया कि इसमें उनकी कोई गलती नहीं है, बल्कि लोगों की सोच ही ऐसी है।

यह है विटिलिगो गर्ल अंशू (सफेद दाग वाली लड़की अंशू), हाल ही में जिनकी रील काफी वायरल हो रही है।

अंशू कहती है, एक रिश्ता आया था, लड़के ने फोटो देखकर मना कर दिया, कहा, मुझे इस लड़की से शादी नहीं करनी,

फिर कहती है, उन्हे इसका बुरा नहीं लगा कि उसने मना कर दिया पर मुझे बुरा लगा मेरी… pic.twitter.com/zF1oaoiYlu

— Vishal M. Yadav (@VishalMYadav_) October 22, 2026


इसके बाद अंशु ने एक ऐसा सवाल उठाया, जो हर किसी को सोचने पर मजबूर कर देता है। उन्होंने सवाल किया, "मेरी सारी डिग्रियां, मेरी सोच, मेरा चरित्र, मेरा दिल और मेरा दिमाग क्या इस एक सफेद दाग के सामने कोई मायने नहीं रखते?"

अंशु का यह सवाल केवल एक शादी के रिश्ते तक सीमित नहीं है, बल्कि उन सामाजिक धारणाओं पर भी चोट करता है, जिनमें इंसान के गुणों और व्यक्तित्व से ज्यादा उसके बाहरी रूप को महत्व दिया जाता है।

चिकित्सा विज्ञान के अनुसार, विटिलिगो त्वचा की एक ऐसी स्थिति है, जिसमें मेलेनिन की कमी के कारण त्वचा पर सफेद धब्बे दिखाई देने लगते हैं। यह छूने, साथ रहने या सामान्य संपर्क से फैलने वाली बीमारी नहीं है।

अंशु की कहानी समाज को यह सोचने का मौका देती है कि किसी इंसान की पहचान उसके चेहरे या त्वचा के रंग से नहीं, बल्कि उसके विचारों, व्यवहार, योग्यता और व्यक्तित्व से होनी चाहिए। उनका साहस इस बात की याद दिलाता है कि किसी के बाहरी रूप के आधार पर उसकी काबिलियत और सम्मान तय करना सही नहीं है।