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Viral Video: वीडियो देखकर मकान मालिक ने किराएदार लड़कियों को घर खाली करने को कहा, कमरे की खिड़की ने बदल दिया पूरा मामला
 

 


सोशल मीडिया पर एक पोस्ट इन दिनों चर्चा में है, जिसमें एक वीडियो को लेकर मकान मालिक और किराएदार लड़कियों के बीच हुए विवाद की कहानी बताई गई है। पोस्ट के मुताबिक, देर रात एक व्यक्ति को उसके परिचित ने एक वीडियो भेजा। वीडियो देखने के बाद उसे लगा कि उसमें उसके घर में रहने वाली तीन किराएदार लड़कियों में से एक दिखाई दे रही है।

वीडियो देखकर लगा कि घर में गलत गतिविधि चल रही है

वायरल पोस्ट में दावा किया गया है कि वीडियो देखने के बाद व्यक्ति ने अपने परिचित से संपर्क किया। परिचित ने कथित तौर पर बताया कि वीडियो में दिखाई दे रही लड़की उन्हीं तीन किराएदारों में से एक है और पिछले कुछ दिनों से वह रोज नए लड़कों को घर बुला रही है।

इन बातों पर भरोसा करते हुए मकान मालिक ने कथित तौर पर लड़कियों को अगले दिन सुबह तक घर खाली करने के लिए कह दिया।

किराएदार लड़की ने बताई अलग कहानी

रात लगभग 1 बजे मेरे मोबाइल पर एक वीडियो आता है, वीडियो देखकर मैंने तुरंत धीरज को फोन मिलाया कि ये कैसी बेहूदा वीडियो भेजी है...???

उसने कहा कि ये तुम्हारे मकान में रहने वाली तीन लड़कियों में से एक लड़की रितु है, कई दिनों से वो लगातार रोज नए नए लड़कों को बुला रही है...
तुम्हारी… pic.twitter.com/fSYLzdeMbH

— Amit Tomar (@AmitNationlist) September 22, 2026


पोस्ट के अनुसार, लड़की ने जब मकान मालिक से पूछा कि आखिर उनकी गलती क्या है, तो उसे वही वीडियो दिखाया गया। वीडियो देखने के बाद लड़की ने दावा किया कि उसमें दिखाई दे रही खिड़की उनके कमरे की है ही नहीं।

उसने कथित तौर पर कहा कि उनके कमरे में ऐसी खिड़की मौजूद नहीं है और किसी ने उन्हें बदनाम करने की कोशिश की हो सकती है।

खिड़की देखकर बदला शक का रुख

इसके बाद मकान मालिक ने वीडियो को दोबारा ध्यान से देखा। वायरल पोस्ट में दावा किया गया है कि उसने पाया कि वीडियो में दिखाई दे रही खिड़की वास्तव में उसके घर के कमरे की खिड़की से अलग थी।

यहीं से पूरा मामला एक नए सवाल में बदल गया—अगर वीडियो उस कमरे का नहीं था, तो उसे इन लड़कियों से जोड़कर क्यों शेयर किया गया?

सोशल मीडिया पर उठ रहे कई सवाल

पोस्ट सामने आने के बाद लोग वीडियो की वास्तविकता और उसमें किए गए दावों को लेकर सवाल उठा रहे हैं। हालांकि, वीडियो किस जगह का है, उसमें दिखाई दे रहे लोग कौन हैं और उसे किसने रिकॉर्ड किया, इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

इसलिए सोशल मीडिया पोस्ट में लगाए गए आरोपों को तथ्य मानने के बजाय मामले की पुष्टि होने तक इन्हें केवल दावे के रूप में देखना जरूरी है।