Viral Video: गरबा के नाम पर बॉलीवुड गानों और ग्लैमर का बढ़ता चलन, भक्ति पर उठे सवाल
त्योहारों के बदलते स्वरूप को लेकर सोशल मीडिया पर बहस छिड़ी हुई है। कुछ लोगों का मानना है कि आधुनिकता के नाम पर धार्मिक आयोजनों में पारंपरिक संस्कृति और भक्ति का महत्व कम होता जा रहा है। खासकर नवरात्रि के दौरान होने वाले गरबा कार्यक्रमों को लेकर यह चर्चा तेज हो गई है।
आलोचकों का कहना है कि मां दुर्गा की आराधना से जुड़े उत्सवों में बॉलीवुड और अंग्रेजी गानों पर नृत्य करने का बढ़ता चलन गरबा की पारंपरिक पहचान को प्रभावित कर रहा है। उनके मुताबिक, धार्मिक आयोजनों में भक्ति और सांस्कृतिक परंपराओं को प्राथमिकता मिलनी चाहिए।
जैसे जैसे समय बढ़ता जा रहा है वैसे मॉडर्न होने के नाम पर त्यौहार में अश्लीलता परोसी जा रहीं
— पहाड़ी गर्ल 🏔️🏔️ (@Pahadi_Anjana) October 17, 2026
है
जहां श्रद्धा नाम मात्र की बची है ,केवल गरबा के नाम पर यही सब चल रहा है
माता के त्योहार में बॉलीवुड के गाने ,कभी इंग्लिश गाने बजना कहा कि भक्ति है
अब तो कंटेंट क्रिएटर को खास तौर पर… pic.twitter.com/mOvEMChnvA
इसके अलावा, कुछ आयोजनों में सोशल मीडिया कंटेंट क्रिएटर्स को बुलाने और उनके जरिए भीड़ जुटाने के लिए पैसे खर्च किए जाने पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। आलोचकों का आरोप है कि त्योहारों के व्यावसायीकरण के कारण धार्मिक आयोजनों का मूल उद्देश्य पीछे छूटता जा रहा है।
हालांकि, गरबा में आधुनिक संगीत और नए प्रयोगों को पसंद करने वाले लोग इसे बदलते समय के साथ संस्कृति के विस्तार के रूप में देखते हैं। ऐसे में सवाल यह है कि त्योहारों की परंपरा को बनाए रखते हुए आधुनिकता और मनोरंजन के बीच संतुलन कैसे कायम किया जाए।