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Viral Video: साड़ी पहनकर जिम में वर्कआउट करती हैं हरियाणा की इन्फ्लुएंसर, सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो
 

 


सोशल मीडिया पर हरियाणा की एक महिला इन्फ्लुएंसर से जुड़े वीडियो और पोस्ट इन दिनों चर्चा में हैं. वायरल पोस्ट में इन्फ्लुएंसर की पहचान इब राजपूत के तौर पर बताई गई है. पोस्ट में दावा किया गया है कि वह जिम में साड़ी पहनकर वर्कआउट करती हैं, जिसकी वजह से उनका अंदाज सोशल मीडिया यूजर्स का ध्यान खींच रहा है.

साड़ी में जिम करती हैं वर्कआउट

हरियाणा की रहने वाली ये social media इनफ्लुएंसर Ib Rajput हैं, जिसके लगभग 2 मिलियन अच्छी खासी फैन फॉलोइंग हैं।

बाकी लड़कियां बटन खोल जिम करती है, लेकिन ib rajput अपने संस्कारों मान मर्यादा में रहकर साड़ी पहनी कपड़े जिम करती है।

खास बात Instagram पर 500 लोग महीने के ₹300 देकर… pic.twitter.com/QqBjoap4DU

— BHUMI (@Bhumika_2024) September 16, 2026


वायरल पोस्ट में दावा किया गया है कि इब राजपूत पारंपरिक पहनावे में जिम में एक्सरसाइज करती नजर आती हैं. उनके वर्कआउट वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किए जा रहे हैं और यूजर्स उनके इस अलग अंदाज पर प्रतिक्रिया दे रहे हैं.

पोस्ट में उन्हें अपनी संस्कृति और पारंपरिक पहनावे से जुड़े रहने वाली इन्फ्लुएंसर के तौर पर पेश किया गया है. हालांकि, ये टिप्पणियां पोस्ट करने वाले यूजर की राय हैं.

सोशल मीडिया कमाई को लेकर भी दावा

वायरल पोस्ट में इब राजपूत के सोशल मीडिया फॉलोअर्स और कमाई को लेकर भी आंकड़े दिए गए हैं. दावा किया गया है कि उनके करीब 20 लाख फॉलोअर्स हैं और कुछ यूजर्स पेड सब्सक्रिप्शन के जरिए उनके कंटेंट से जुड़े हुए हैं.

पोस्ट में दावा किया गया है कि करीब 500 लोग हर महीने 300 रुपये का सब्सक्रिप्शन लेते हैं और इससे लगभग 5 लाख रुपये की मासिक कमाई होती है. हालांकि, इन आंकड़ों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है.

वीडियो पर यूजर्स की प्रतिक्रिया

इब राजपूत के साड़ी में वर्कआउट करने वाले वीडियो को लेकर सोशल मीडिया पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं. कुछ यूजर्स उनके पारंपरिक पहनावे में फिटनेस कंटेंट बनाने की चर्चा कर रहे हैं, जबकि कुछ लोग उनके सोशल मीडिया मॉडल को लेकर सवाल कर रहे हैं.

फिलहाल वायरल पोस्ट में किए गए फॉलोअर्स, सब्सक्रिप्शन और कमाई से जुड़े दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है. इसलिए इन आंकड़ों को सोशल मीडिया पोस्ट के दावे के तौर पर ही देखा जाना चाहिए.